फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   reliance demand again hike gas price till 2012

रिलायंस ने गैस मामले में कर दी बड़ी मांग

Wed, 23 Jul 2014 11:42 AM IST
Updated Wed, 23 Jul 2014 11:42 AM IST
विज्ञापन
reliance demand again hike gas price till 2012

रिलायंस इंडस्ट्रीज और सरकार के बीच प्राकृतिक गैस की कीमतों का विवाद उलझता जा रहा है। इस मुद्दे पर सरकार को आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) नोटिस भेज चुकी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गैस की बढ़ी कीमतें वर्ष 2012 से लागू करने की मांग रखी है।

विज्ञापन


रंगराजन समिति ने 1 अप्रैल 2014 से नई कीमतें लागू करने की सिफारिश की थी, जिस पर केंद्र सरकार को अभी फैसला लेना है। इस बारे में वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम मंत्रालय सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


सरकार ने अभी ‌कीमत बढ़ाने की नहीं दी है मंजूरी

reliance demand again hike gas price till 2012

पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मंत्रालय को पत्र लिखकर 1 अप्रैल 2014 के बजाय वर्ष 2012 से ही गैस की बढ़ी कीमतें लागू करने की मांग उठाई है।

कंपनी ने वर्ष 2012 के बाद 4.32 डॉलर प्रति यूनिट की दर से गैस बेचने की वजह से भारी घाटे उठाने की बात कही है। इस घाटे के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए रिलायंस ने वर्ष 2012 से ही नई गैस कीमतें लागू करने को कहा है।

गौरतलब है कि जनवरी 2012 से ही गैस कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा जोर पकड़ने लगा था, लेकिन सरकार ने कीमतें बढ़ाने की अनुमति नहीं दी।

नई कीमतों पर सरकार में मंथन शुरू

reliance demand again hike gas price till 2012

वित्त मंत्रालय ने पेट्रोलियम और ऊर्जा मंत्रालय समेत सभी संबंधित पक्षों के साथ गैस की नई कीमतों पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार किसी नई समिति का गठन करने के बजाय मंत्रालयों के बीच बातचीत से ही इस मामले को हल करेगी।

गैस की बढ़ी कीमतों की मार बिजली और उर्वरक (फर्टिलाइजर) बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगी। इसलिए उनके पक्ष को भी सुना जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय से जुड़े लोगों का मानना है कि गैस की नई कीमतें पांच साल के बजाय अल्प अवधि के लिए तय की जा सकती हैं।

विज्ञापन

यूरिया संयंत्रों के लिए मांगी ज्यादा गैस

reliance demand again hike gas price till 2012

उर्वरक मंत्रालय ने यूरिया संयंत्रों को 50 फीसदी ज्यादा प्राकृतिक गैस दिए जाने की मांग की है। इससे आयातित एलएनजी गैस पर यूरिया संयंत्रों की निर्भरता घटेगी और उर्वरक सब्सिडी में 15 हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

उर्वरक सचिव इंद्रजीत पाल ने इस बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने यूरिया क्षेत्रों को घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस का आवंटन रोजाना 3.15 करोड़ यूनिट से बढ़ाकर 31.5 लाख टन करने की जरूरत जताई है। घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति न होने से यूरिया संयंत्रों के लिए तीन गुना महंगी कीमतों पर आयात की गई एलएनजी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed