{"_id":"ef2358a84ccee113296eacca8c4292a6","slug":"recovery-to-continue-6-6-growth-next-year-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धीरे धीरे रफ्तार पकड़ेगी अर्थव्यवस्था ","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
धीरे धीरे रफ्तार पकड़ेगी अर्थव्यवस्था
नई दिल्ली/ एजेंसी
Updated Tue, 06 Jan 2015 09:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की अर्थव्यवस्था में सुधार (रिकवरी) धीरे-धीरे तेजी पकड़ेगा। इसके चलते अर्थव्यवस्था की विकास दर चालू वित्त वर्ष (2014-15) में 5.5 फीसदी रहने और अगले वित्त वर्ष (2015-16) में बढ़कर 6.6 फीसदी पर पहुंच जाने की उम्मीद है। भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में यह आकलन ग्लोबल स्तर पर वित्तीय सेवाएं देने वाली जापान की फर्म नोमुरा की एक रिपोर्ट में पेश किया गया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में बताया गया है कि महंगाई का घटता दबाव आर्थिक रिकवरी को सहारा देगा। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों का सकारात्मक असर इसपर देखने को मिलेगा। रिपोर्र्ट में देश के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के दिसंबर 2014 में बढ़कर दो साल के टॉप पर पहुंच जाने का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसा घरेलू और विदेशी बाजारों दोनों ही से नए ऑर्डर मिलने के चलते संभव हो सका है। नवंबर में इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के तहत आने वाले छह आधारभूत उद्योगों में सालाना आधार पर 6.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक कमोडिटी की कीमतों में कमी आने के चलते उत्पादकों की लागत में कमी आई है। हालांकि इसके बावजूद मांग में कमी बनी रहने के चलते कीमतों में ठहराव देखने को मिला। हालांकि नोमुरा ने इसके साथ यह भी चेतावनी दी है कि पूर्ववर्ती वर्ष में कीमतों के ऊंचे स्तर पर रहने के कारण (बेस इफेक्ट) थोक मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में गिरावट दिखाई देने का दौर खत्म होने वाला है।
विज्ञापन
सीपीआई के नवंबर 2014 के 4.4 फीसदी से बढ़कर अगले तीन माह में 5.5 से 6.0 फीसदी तक पहुंच जाने के आसार भी रिपोर्ट में जताए गए हैं। हालांकि मार्च 2015 के बाद इसके एक बार फिर से नरम पड़कर पांच फीसदी के स्तर पर आ सकती है। नोमुरा की अर्थशास्त्री सोनल वर्मा के मुताबिक मौजूदा हालात को देखकर लगता है कि थोक महंगाई दर जनवरी 2016 तक 6 फीसदी तक के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लक्ष्य के मुताबिक रहेगी।