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रेडी टू बिड श्रेणी के लिए तैयार होंगी ५०० परियोजनाएं

Mon, 08 Dec 2014 07:16 PM IST
Updated Mon, 08 Dec 2014 07:16 PM IST
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ढांचागत क्षेत्र को मिलेगी रफ्तार, राजमार्ग क्षेत्र में ३ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर हो रहा है काम
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रेडी टू बिड श्रेणी के लिए तैयार होंगी ५०० परियोजनाएं

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। देश में ढांचागत क्षेत्र, खास कर राजमार्ग क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के दिन बहुरने वाले हैं क्योंकि सरकार करीब ३ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को इस तरह से तैयार कर रही हैं कि उस पर कभी भी बोली लगा कर काम शुरू किया जा सके। यह पहले से फंसी परियोजनाओं के अतिरिक्त होगा। इस समय २.८ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं फंसी हैं जिनमें से १.८ लाख करोड़ रुपये की परियोजना पर दुबार काम शुरू करने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
इंडो-अमेरिकन चैंबर आफर कामर्स (एआईसीसी) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करने हुए केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मंत्रालय करीब ५०० परियोजनाओं को इस तरह से तैयार कर रहा है ताकि उस पर बोली लगा कर कभी भी काम शुरू किया जा सके। इसे रेडी टू बिड की श्रेणी में रखा गया है। रेडी टू बिड श्रेणी की परियोजनाओं का खुलासा करते हुए गडकरी ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए जरूरी भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका होगा। यही नहीं, इस परियेाजनाओं के लिए जरूरी पर्यावरण एवं वन विभाग की क्लियरेंस भी पहले से ही ली जा चुकी होगी। मतलब कोई डेवलपर इसके लिए बिड करता है तो वह कांट्रेक्ट साइन होने के अगले दिन से उस पर काम शुरू कर सकता है।
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सरकार इस समय चल रही परियोजनाओं की भी निगरानी के लिए भी अलग से व्यवस्था करने जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए मंत्रालय में एक अलग अनुभाग बनाया जा रहा है जो कि चल रही परियोजनाओं पर विस्तृत परियेाजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। केन्द्र की पिछली संप्रग सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उस समय की गलत नीतियों की वजह से ढेरों परियोजनाएं फंसी पड़ी हैं। दस साल से इस क्षेत्र में विकास नहीं होने की वजह से डेवलपरों की भी कमी हो गई है। हालांकि अब स्थिति में बदलाव हो रहा है और उस समय की फंसी २.८ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से १.८ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण एवं पर्यावरण क्लियरेंस जैसी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। शेष बची एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के ठेकेदारों में से आधे (५० हजार करोड़ रुपये की परियोजना लागत के ठेकेदार) गोल्डन हैंड शेक योजना का लाभ लेना चाहते हैं। इनके लिए प्रक्रिया तय की जा रही है और शीघ्र ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
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गडकरी ने विश्वास जताते हुए कहा कि आने वाले वर्षांे में प्रति दिन ३० किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।

--शिशिर चौरसिया--

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