RBI बैंक खोलने के नियमों में करेगा बदलाव
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कॉरपोरेट जगत से लेकर सरकारी कंपनियों के लिए एक बार फिर बैंकिंग कारोबार में उतरने की उम्मीद जग गई है। भारतीय रिजर्व बैंक इस संबंध में नए दिशानिर्देश तैयार कर रहा है। इसके तहत अगले चार-पांच महीने में नए नियम आ सकते हैं।
इसके पहले आरबीआई 25 आवेदकों में से आईडीएफसी और बंधन फाइनेंशियल सर्विसेंज को अप्रैल में बैंकिंग लाइसेंस जारी कर चुका है।
बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ बैंकिंग सेक्टर की योजनाओं और स्थिति पर चर्चा करने के बाद वित्तीय सेवाओं मामलों के सचिव जीएस संधू ने संवाददाताओं को बताया कि अगले चार महीने में उम्मीद है कि आरबीआई बैंकिंग लाइसेंस के नए नियम जारी कर सकता है। इसके बाद आवेदन मंगाए जाएंगे।
रिजर्व बैंक को देने है बैकिंग लाइसेंस
संधू के अनुसार वित्त मंत्री के साथ इसके अलावा बैंकों के बढ़ते एनपीए, उनके पूंजी जुटाने के तरीके आदि पर भी चर्चा हुई है। उनके अनुसार बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के लिए बीमा विधेयक को बजट सत्र में लाने की संभावना कम है।
नए बैंकिंग लाइसेंस देने की जानकारी वित्तीय सेवा मामलों के सचिव जीएस संधू द्वारा दिए जाने का मतलब है कि इंडिया पोस्ट से लेकर रिलायंस कैपिटल, बिड़ला समूह, श्रीराम समूह जैसे कॉरपोरेट घरानो के लिए बैंकिंग लाइसेंस पाने का रास्ता खुल सकता है।
इसके पहले भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन भी यह बात कह चुके हैं, कि वह चाहते हैं कि बैंकिंग लाइसेंस देने की प्रक्रिया सतत होनी चाहिए। इसके अलावा रिजर्व बैंक की समिति भी मौजूदा बैंकिंग ढांचे के अलावा कई तरह के बैंकों को खोलने का सुझाव दे चुकी है। इसमें पेमेंट बैंक, होलसेल बैंक आदि शामिल हैं।