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आरबीआई से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम

Mon, 17 Dec 2012 11:57 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 17 Dec 2012 11:57 PM IST
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rbi unlikely to cut interest rates

महंगाई दर में मामूली कमी आने से ही भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को पेश होने से मौद्रिक नीति (मध्य तिमाही समीक्षा) में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है। अर्थशास्त्री रिजर्व बैंक से नए साल में ही रेपो रेट में कमी की संभावना जता रहे हैं। हालांकि अग्रिम कर भुगतान की वजह से बैंकों के पास नकदी में आई कमी को देखते हुए बैंकर्स और अर्थशास्त्री मौद्रिक नीति में नकद आरक्षण अनुपात (सीआरआर) में कमी करने की उम्मीद कर रहे हैं।

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क्रिसिल के अर्थशास्त्री डीके जोशी ने अमर उजाला को बताया कि आरबीआई अभी तक विकास की तुलना में ब्याज दरों को ही तरजीह दे रहा है। महंगाई दर अभी भी उम्मीद से ज्यादा है। ऐसे में आरबीआई के लिए ब्याज दरों में कमी करने की संभावना कम है। साथ ही, आरबीआई पहले ही नए साल में ब्याज दरों में कमी करने के संकेत दे चुका है। जिसे देखते हुए मध्य समीक्षा में रेपो रेट में कमी करने की संभावना कम है।
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आईआईएफएल के रिसर्च प्रमुख अमर अंबानी के अनुसार 18 दिसंबर को पेश होने वाली मौद्रिक नीति में आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कमी करने की संभावना कम है। महंगाई दर अक्टूबर में 7.45 फीसदी से घटकर नवंबर में 7.24 फीसदी पर आ गई है। ऐसे में, आरबीआई ब्याज दरों में कमी कर सबको चकित भी कर सकता है।

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