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आरबीआई ब्याज दरों में कमी करने को लेकर रहेगा सतर्क

Wed, 21 Nov 2012 08:38 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 21 Nov 2012 08:38 PM IST
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rbi to be cautious in reducing interest rates says chakrabarty

ब्याज दरों में कमी की आस लगाए उद्योग जगत के लिए फिलहाल आरबीआई से यह मुराद आसानी से मिलने की उम्मीद नहीं लग रही है।

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भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती ने एसोचैम के कार्यक्रम में बुधवार को कहा कि रिजर्व बैंक हमेशा ब्याज दरों में कमी करने पर सतर्कता भरा रुख अपनाएगा। मौजूदा वैश्विक आर्थिक संकट की एक प्रमुख वजह कम ब्याज दरों का होना है।

चक्रवर्ती के अनुसार प्रमुख महंगाई दर में एक फीसदी की कमी आने की जरूरत है। जिसके बाद ही पूंजी जुटाने की लागत में सही मायने में कमी आएगी, साथ ही मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी आएगी। डिप्टी गवर्नर ने इस बात को भी खारिज किया कि ऊंची ब्याज दरों की वजह से ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ा है।
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उन्होंने कहा कि इसकी वजह से ग्रोथ रेट सही स्तर पर आई है। ग्रोथ में कमी आने की वजह केवल ऊंची ब्याज दरें नहीं हैं। यह सभी वजहों में से एक हो सकती है। हालांकि महंगाई ग्रोथ में कमी लाने की एक प्रमुख वजह है। मौद्रिक नीति एक हद तक ही महंगाई को नियंत्रित कर सकती है।
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चक्रवर्ती के अनुसार जब हमारी अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं से जुड़ रही है, तो महंगाई दर को भी उसी आधार पर देखना होगा। बैंकिंग सिस्टम में नकदी की उपलब्धता की जहां तक बात है तो इसकी पर्याप्त उपलब्धता है। ऐसे में बैंकों की तरफ से कर्ज देने में नकदी की दिक्कत नहीं आएगी।

आरबीआई ने 30 अक्टूबर को मौद्रिक नीति में सीआरआर में 0.25 फीसदी की कटौती की थी। जिसकी वजह से बाजार में 17,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी आई थी।

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