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दीवाली से पहले महंगा होगा होम-कार लोन!

Mon, 28 Oct 2013 12:00 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 28 Oct 2013 12:00 PM IST
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rbi review policy rate
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंगलवार को पेश होने वाली ऋण एवं मौद्रिक नीति की दूसरी तिमाही समीक्षा में ब्याज दर में कटौती की संभावना कम है।
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ग्लोबल बैंक एचएसबीसी, बाजार का अध्ययन करने वाली एजेंसी इकरा और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ब्याज दर चौथाई फीसदी बढ़ाए जाने की आशंका जताई है।

दूसरी ओर नकदी के मामले में बैंकों को राहत देने के लिए आरबीआई द्वारा मार्जिनल स्टैंडिग फैसिलिटी (एमएसएफ) में चौथाई फीसदी कमी की संभावना जताई जा रही है।

एचएसबीसी का मानना है कि रिजर्व बैंक 29 अक्तूबर को मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर महंगाई को नियंत्रित करने का प्रयास कर सकता है, लेकिन एसएमएफ में वह इतनी ही कमी भी कर सकता है।
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इकरा ने भी कहा है कि खुदरा और थोक दोनो महंगाई में तेजी से रिजर्व बैंक पर भारी दबाव है। इसके मद्देनजर वह रेपो में चौथाई फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है।

इकरा ने भी एमएसएफ में चौथाई फीसदी कटौती की संभावना जताई है। भी कर सकता है और इस तरह से केन्द्रीय बैंक रेपो और एमएसएफ के बीच एक प्रतिशत का अंतर रखने की पंरपरा पर फिर से लौट सकता है।
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उसका कहना है कि त्यौहारी मांग की वजह से तरलता पर दबाव बन सकता है और रिजर्व बैंक एमएसएफ में कमी कर इसको दूर करने का प्रयास कर सकता है।
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