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मौद्रिक नीति घोषित, रिजर्व बैंक ने नहीं बदली ब्याज दरें
मुंबई/एजेंसी
Updated Tue, 30 Jul 2013 05:15 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक ने नई मौद्रिक नीति में रुपए की गिरती कीमत को थामने की कोशिश है। आरबीआई ने नीतिगत दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान को घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है।
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आरबीआई ने महंगाई के अनुमान को भी घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया है।
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई ने रेपो दर को 7.25 फीसदी पर बरकरार रखा, इसके साथ ही रिवर्स रेपो दर भी 6.25 फीसदी के पुराने स्तर पर रखी गई है।
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गौरतलब है कि रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से कर्ज लेते हैं, वहीं रिवर्स रेपो दर वह दर है, जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंक से उधार लेती है।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि रुपए को थामने के लिए हाल ही में किए गए मौद्रिक उपायों को विनिमय बाजार में स्थिरता आने के बाद वापस ले लिया जाएगा।
उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष में देश की विकास दर के अनुमान को पहले के 5.7 प्रतिशत से कम कर 5.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
सुब्बाराव ने कहा कि चालू मानसून सीजन में अब तक अच्छी बारिश होने से कृषि पैदावार बढने की उम्मीद है।
इसके मद्देनजर थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के अनुमान को 5.5 प्रतिशत से कम कर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया है।
नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं
रेपो रेट ----- 7.25 फीसदी
रिवर्स रेपो ----- 6.25 फीसदी
सीआरआर ----- 4.0 फीसदी
आरबीआई मौद्रिक समीक्षा की मुख्य बातें
:- चालू वित्तवर्ष के लिए जीडीपी अनुमान 5.7 से घटाकर 5.5 फीसदी किया
:- इस साल मार्च के आखिर तक महंगाई दर को 5.0 फीसदी पर लाने पर जोर
:- रुपये में अवमूल्यन महंगाई के लिए एक बड़ी चुनौती
:- रुपये के स्थिर होने पर लिक्विडिटी सख्त करने के उपाय होंगे वापस
:- चालू खाता घाटा कम करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत
:- विकास और महंगाई से तय होंगे भविष्य के नीतिगत कदम
:- 18 सितंबर को आएगी अगली मध्य तिमाही समीक्षा
:- 29 अक्तूबर को पेश होगी दूसरी तिमाही की समीक्षा
:- रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव का पांच साल कार्यकाल समाप्त होने से पहले यह उनकी आखिरी मौद्रिक एवं कर्ज नीति समीक्षा