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सस्ते कर्ज के लिए अभी करना होगा इंतजार
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Tue, 02 Dec 2014 04:14 PM IST
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सस्ते कर्ज का इंतजार कर रहे लोगों का इंतजार और लंबा हो सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बैंक दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया है। मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए आरबीआई ने कहा है कि बढ़ती महंगाई के कारण रेपो रेट और सीआरआर में फिलहाल कोई बदलाव संभव नहीं है।
रेपो दर इस समय आठ फीसदी है और सीआरआर की दर चार फीसदी है। इसके अलावा बैंक दर को भी नहीं बदला गया है। यानी अब बैंकों से मिलने वाले कर्ज के सस्ते होने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।
दिल्ली में आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि वित्त वर्ष 2016 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 5.5 फीसदी रखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल महंगाई के मुद्दे पर कुछ राहत मिलेगी और दरों में बदलाव किया जा सकेगा। राजन ने कहा कि काफी कोशिशों के बावजूद कारोबारी मांग में अभी भी कमी दिख रही है।
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राजन ने कहा कि अभी महंगाई के मोर्चे पर कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। हालांकि अन्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल व अंतरराष्ट्रीय वजहों से महंगाई में कुछ कमी जरूर आई है लेकिन महंगाई अभी भी उम्मीद से ज्यादा है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगले साल में ब्याज दरों में कमी होने की पूरी संभावना है। राजन ने कहा कि भरपूर प्रयासों के बावजूद महंगाई दर में बढ़ोतरी न होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अगली मौद्रिक नीति समीक्षा 3 फरवरी 2015 को करेगा।
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रेपो दर इस समय आठ फीसदी है और सीआरआर की दर चार फीसदी है। इसके अलावा बैंक दर को भी नहीं बदला गया है। यानी अब बैंकों से मिलने वाले कर्ज के सस्ते होने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।
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दिल्ली में आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि वित्त वर्ष 2016 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 5.5 फीसदी रखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल महंगाई के मुद्दे पर कुछ राहत मिलेगी और दरों में बदलाव किया जा सकेगा। राजन ने कहा कि काफी कोशिशों के बावजूद कारोबारी मांग में अभी भी कमी दिख रही है।
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राजन ने कहा कि अभी महंगाई के मोर्चे पर कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। हालांकि अन्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल व अंतरराष्ट्रीय वजहों से महंगाई में कुछ कमी जरूर आई है लेकिन महंगाई अभी भी उम्मीद से ज्यादा है। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगले साल में ब्याज दरों में कमी होने की पूरी संभावना है। राजन ने कहा कि भरपूर प्रयासों के बावजूद महंगाई दर में बढ़ोतरी न होने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अगली मौद्रिक नीति समीक्षा 3 फरवरी 2015 को करेगा।