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रिजर्व बैंक ने जारी किए नए बैंकिंग लाइसेंस के दिशानिर्देश
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Feb 2013 10:38 PM IST
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देश के बड़े कॉरपोरेट घराने और पीएसयू के लिए बैंकिंग कारोबार में उतरने का रास्ता साफ हो गया है। आने वाले दिनों में टाटा, बजाज, रिलायंस जैसे कॉरपोरेट घरानों के बैंक दिखाई दे सकते हैं।
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नए बैंकिंग लाइसेंस पाने वाले कॉरपोरेट को अपनी 25 फीसदी शाखाएं ऐसे क्षेत्रों में खोलने होंगी, जहां पर अभी बैंकिंग सेवाएं (10 हजार या उससे ज्यादा की आबादी) नहीं पहुंची हैं। ऐसे में ग्रामीण बाजार में भी निजी बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, जिसका फायदा उन क्षेत्रों के ग्राहकों को मिलने वाला है।
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शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकिंग लाइसेंस के संबंध में जारी दिशानिर्देश के अनुसार देश में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां नॉन ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी के रूप में और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां बैंकिंग लाइसेंस के लिए शर्तों के आधार पर आवेदन कर सकेंगी। इसके तहत, बैंकिंग कारोबार में उतरने वाली कंपनी को शुरुआती तौर पर न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी रखनी होगी।
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इसका मतलब यह है कि कॉरपोरेट को बैंकिंग लाइसेंस के लिए नॉन ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी बनानी होगी। जो कि पूरी तरह से प्रमोटर या प्रमोटर समूह के स्वामित्व में होनी चाहिए। नए बैंक में इस कंपनी की 40 फीसदी हिस्सेदारी रखनी होगी, जो पहले पांच साल तक रखना अनिवार्य होगा।
उसके बाद फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी की बैंक में हिस्सेदारी 12 साल में घटाकर 15 फीसदी लानी होगी। नॉन ऑपरेटिव फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी में 50 फीसदी स्वतंत्र निदेशक होंगे, जो कि प्रमोटर ग्रुप और उस कंपनी के बड़े ग्राहक और सप्लायर नहीं होने चाहिए।
इसी तरह, नए बैंकों को कारोबार शुरू करने के तीन साल के भीतर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होना होगा। नए निजी बैंक में कारोबार के पहले पांच साल तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, अनिवासी भारतीयों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की कुल हिस्सेदारी 49 फीसदी से ज्यादा नहीं होगी।
मौजूदा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए आरबीआई ने कहा है कि यदि वह लाइसेंस के लिए पात्र होती हैं, तो वह तीन विकल्पों के जरिए बैंक लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगी। पहला यह कि वह एक बैंक को प्रमोट कर सकती हैं। दूसरा, वह अपने आप को बैंक में परिवर्तित कर लें और गैर बैंकिंग ऑपरेशन को समाप्त कर दें। तीसरा, यदि उनके द्वारा किया जा रहा कारोबार बैंकिंग गतिविधियों में आता है, तो वह उसे बैंक के रूप में परिवर्तित कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें भी शुरू में न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी का निवेश करना होगा।
यह उतर सकते हैं बैंकिंग कारोबार में
टाटा, बजाज, रिलायंस कैपिटल, श्रेई, श्रीराम ग्रुप, रेलिगेयर जैसी कॉरपोरेट के लिए बैंक खोलने का रास्ता खुला।
इसके पहले कब मिला लाइसेंस
आरबीआई ने पिछले दो दशक में 12 निजी बैंकों के लाइसेंस दो चरणों में दिए हैं। साल 1993 में जारी दिशानिर्देश के तहत 10 निजी बैंक और 2001 में जारी दिशानिर्देश के तहत दो निजी बैंकों को लाइसेंस मिला है।
देश में बैंकों की संख्या
अभी 26 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 22 निजी क्षेत्र के बैंक और 40 विदेशी बैंक कार्यरत हैं।