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रिजर्व बैंक घटा सकता है ब्याज दरें

Mon, 29 Oct 2012 07:58 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 29 Oct 2012 07:58 PM IST
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RBI indicates that rate cut likely in monetary policy review

रिजर्व बैंक ने मंगलवार को पेश होने वाली अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए हैं। रिजर्व बैंक ने व्यापक आर्थिक व मौद्रिक विकास समीक्षा में कहा है कि महंगाई के दबाव के बावजूद वह आर्थिक विकास को गति देने के कदम उठाएगा। सरकार द्वारा राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए लाए गए रोडमैप से भी दरों में कटौती की उम्मीदों को बल मिला है। हालांकि, अभी भी महंगाई दर 7.81 फीसदी के उच्च स्तर पर बनी हुई है।

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राजकोषीय घाटे के चालू वित्तवर्ष में 5.3 फीसदी और अगले पांच साल में तीन फीसदी तक लाने के लक्ष्य की योजना वित्त मंत्रालय ने पेश की है। वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कटौती की संभावना पर कहा कि ‘सरकार ने घाटा कम करने के लिए अहम कदम उठाने की बात कही है। ऐसे में हमें उम्मीद है कि रिजर्व बैंक भी मौद्रिक नीति पेश करते वक्त इन कदमों पर जरूर ध्यान देगा।’
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इसके पहले, आरबीआई बढ़ते राजकोषीय घाटे पर चिंता जताते हुए कह चुका है कि सरकार को राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए, जिससे वह मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कटौती करने का मौका पा सके।
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ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक एससी सिन्हा ने अमर उजाला को बताया कि इस समय अर्थव्यवस्था में तेजी लाने की जरूरत है। आरबीआई को मौद्रिक नीति पेश करते वक्त ग्रोथ पर जोर देना चाहिए। मेरा मानना है कि आरबीआई को मौद्रिक नीति में रेपो रेट में कम से कम 0.25 फीसदी की कमी करनी चाहिए। जिससे ब्याज दरों में कमी आ सके।


एंजेल ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट वैभव अग्रवाल के अनुसार राजकोषीय समेकन प्लान पेश करने का असर आने वाले मौद्रिक नीति पर हो सकता है। हालांकि महंगाई दर को देखते हुए आरबीआई के लिए ब्याज दरों में कटौती करना आसान नहीं है।

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