फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   rbi governer tell when interest rate down

RBI गवर्नर ने बताया कब सस्ता होगा कर्ज?

Wed, 06 Aug 2014 07:29 AM IST
Updated Wed, 06 Aug 2014 07:29 AM IST
विज्ञापन
rbi governer tell when interest rate down

लोन की ईएमआई में अभी आपको फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने जा रही है। मंगलवार को पेश मौद्रिक नीति में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ऊंची महंगाई को देखते हुए रेपो रेट सहित दूसरी प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

विज्ञापन


आरबीआई ने रेपो रेट को 8.0 फीसदी और नकद आरक्षित अनुपात (सीआआर) को 4.0 फीसदी पर बरकरार रखा है। ऐसे में ग्राहकों को होम लोन, कार लोन, कारोबारी लोन सहित दूसरे कर्ज की ईएमआई में कोई कमी नहीं होगी।
विज्ञापन


बैंकर्स के अनुसार आरबीआई के कदम से साफ है कि जब तक महंगाई दर सामान्य स्तर पर नहीं आएगी, तब तक वह ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा।

41000 करोड़ रुपए आएंगे बैंकों के खाते में

rbi governer tell when interest rate down

मौद्रिक नीति में रिजर्व बैंक ने बैंकों को नकदी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए स्टेटरी लिक्विडिटी अनुपात (एसएलआर) को 0.5 फीसदी घटाकर 22 फीसदी कर दिया है। रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंकों को 41 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी मिलेगी।

इसी तरह बैंकों के लिए हेल्थ टू मेच्योरिटी बांड सीमा को भी 0.5 फीसदी घटाकर 24 फीसदी कर दिया गया है। आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि ग्रोथ में सुधार को देखते हुए एसएलआर और एचटीएम में कटौती के कदम उठाए गए हैं।

इससे बैंकों को ज्यादा कर्ज देने का मौका मिल सकेगा। सस्ते कर्ज के सवाल पर उन्होंने कहा है कि रिजर्व बैंक बहुत ज्यादा समय तक ब्याज दरों को ऊंचा नहीं रखेगा। जैसे ही महंगाई में कमी आएगी, प्रमुख दरों में कटौती की जाएगी।

महंगाई होगी कम पर कब तक?

rbi governer tell when interest rate down

रिजर्व बैंक ने साल 2015 के लिए थोक मंहगाई दर 8 फीसदी और साल 2016 के लिए 6 फीसदी पर लाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि रिजर्व बैंक ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि सरकार और आरबीआई के कदमों का असर दिख रहा है। इससे विकास दर में सुधार हुआ है।

ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई, विकास दर, सरकार का घाटा उम्मीद के मुताबिक रहता है, तो अच्छे दिन जल्द आएंगे। रिजर्व बैंक ने सुधार को देखते हुए ही, वित्त वर्ष 2014-15 के लिए ग्रोथ रेट 5.5 फीसदी रहने की बात कही है।

विज्ञापन

बैंकों को मिलेगा फायदा

rbi governer tell when interest rate down

अरुंधति भट्टाचार्य, चेयरमैन, एसबीआई  ने कहा कि आरबीआई ने काफी सतर्कता भरा कदम उठाया है। ऐसे में आने वाले समय में जल्द ब्याज दरों में कटौती की संभावना बहुत कम है। जहां तक एसएलआर में कटौती का सवाल है, तो इसका फायदा बैंकों कुछ समय बाद मिलेगा।

कमजोर मानसून से बढ़ सकती है महंगाई
मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए रिजर्व बैंक को आशंका है कि खाद्य महंगाई दर आने वाले दिनों में बढ़ सकती है। हालांकि उसने इस बात की भी उम्मीद जताई है कि सरकार नीतियों के जरिए खाद्य उत्पादों की आपूर्ति के बेहतर करेगी।

जून में थोक महंगाई दर 7.31 फीसदी पर रही थी। महंगाई पर क्रिसिल के अर्थशास्त्री डीके जोशी के अनुसार जनवरी 2015 तक 8 फीसदी का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन साल 2016 में 6 फीसदी का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सरकार को काफी ठोस कदम उठाने होंगे।

सस्ते कर्ज की उम्मीद कम

rbi governer tell when interest rate down

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के अनुसार महंगाई और ग्रोथ पर आरबीआई के रुख को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में ब्याज दरों में कमी की उम्मीद कम है। वहीं, केपीएमजी इंडिया के पार्टनर शास्वत शर्मा के अनुसार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और घरेलू स्तर पर महंगाई चिंताजनक स्तर पर है। आरबीआई ब्याज दरों में कमी से पहले राजकोषीय घाटे की स्थिति पर भी नजर रखेगा।

मौद्रिक नीति की प्रमुख बातें-
..रेपो रेट 8.0 फीसदी, रिवर्स रेपो रेट 7.0 फीसदी और सीआरआर 4.0 फीसदी पर बरकरार
..एसएलआर 0.5 फीसदी घटाकर 22 फीसदी और एचटीएम 0.5 फीसदी घटाकर 24 फीसदी किया
..चालू वित्त वर्ष में विकास दर 5.5 फीसदी रहने का अनुमान
..महंगाई, कमजोर मानसून और राजकोषीय घाटा अभी भी चिंता का विषय
..बैंकों के बढ़ते एनपीए पर लगाम के लिए नए कदमों की घोषणा जल्द

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed