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बैंकिंग में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा 'पेमेंट बैंक'

Fri, 21 Aug 2015 03:14 PM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 03:14 PM IST
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RBI clears 11 payment banks

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग में कांतिकारी कदम बढ़ाते हुए 11 'पेमेंट बैंकों' के लिए लाइसेंस जारी करने की मंजूरी दे दी है। पेमेंट बैंक की सुविधा देने वालों में भारतीय डाक विभाग के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज और आदित्य बिड़ला नुवो जैसी कंपनियां शामिल होंगी।

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साथ ही एयरटेल और वोडाफोन जैसी टेलीकॉम कंपनियों को भी पेमेंट बैंक का लाइसेंस मिला है। रिजर्व बैंक को पेमेंट बैंक लाइसेंस के लिए 41 अर्जियां मिली थीं, जिनमें से 11 को लाइसेंस के योग्य पाया गया।
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2014 के बजट में वित्त मंत्री ने घोषणा की थी कि स्थानीय इलाकों के बैंकों, भुगतान बैंकों समेत विभिन्न बैंकों को छोटे व्यवसायों, असंगठित क्षेत्र, कम आय वाले परिवारों, किसानों और अप्रवासी श्रमिकों आदि की उधारी और नकदी भेजने संबंधी जरूरतों को पूरा करने की अनुमति प्रदान करने के लिए एक विशेष ढांचे पर जोर दिया जाएगा।
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इसी पर आगे बढ़ते हुए पेमेंट बैंक की शुरुआत की गयी है।

क्या है पेमेंट बैंक

RBI clears 11 payment banks

पेमेंट बैंक ग्राहकों के लिए प्रीपेड मोबाइल नंबर लेने जैसा है। इसमें पैसा जमा कर सेवाएं ली जा सकेंगी। ग्राहक मनी ट्रांसफर से लेकर बिल पेमेंट तक कर सकेंगे। पेमेंट बैंक के ग्राहकों का सर्विस चार्ज कम हो सकता है।

साथ ही सामान्य बैंक की तरह मिनीमम बैलेंस रखने से छुटकारा मिले सकता है। वहीं प्रस्‍तिस्पर्धा के कारण सामान्य बैंक मिनीमम बैलेंस की सीमा घटाने को मजबूर होंगे। पेमेंट बैंक में हर खाताधारक अधिकतम एक लाख रुपए तक की राशि जमा कर सकता है। इसके माध्यम से पैसे का लेन-देन किया जा सकता है।

ये बैंक ग्राहकों को एटीएम-डेबिट कार्ड जारी कर सकते हैं। पेमेंट बैंक इंटरनेट बैंकिंग के जरिए लेन-देन की सुविधा भी देंगे। पेमेंट बैंक से बैंकिंग सि‍स्‍टम में कैशलेस ट्रांजेक्‍शन को बढ़ावा मि‍लेगा। पेमेंट बैंक नियमित बैंकों की तरह कर्ज नहीं दे सकते। क्रेडिट कार्ड भी जारी नहीं कर सकते। ये बैंक अपने पास नकदी या सरकारी प्रतिभूतियां ही रख सकते हैं।

गौरतलब है कि पेमेंट बैंक के लिए रिजर्व बैंक ने 2013 में डिस्कशन पेपर जारी किया था। इसके बाद नचिकेत मोर कमेटी का गठन किया गया। बाद में रिजर्व बैंक ने पेमेंट बैंक के लाइसेंस जारी करने के लिए नियम-कायदे तय किए।

दिलचस्प ये है कि मोर कमेटी ने पेमेंट बैंक के लिए कीनिया में 2007 में वोडाफोन द्वारा शुरू की गई एम-पैसा सर्विस का उदाहरण दिया था। एम-पैसा को अफ्रीका में हाथों-हाथ लिया गया। आंकड़ों के अनुसार कीनिया की जीडीपी में एम-पैसा की बड़ी भागीदारी है।

लाखों को पेमेंट बैंक से मिलेगी वित्तीय सेवाएं

RBI clears 11 payment banks

लाइसेंस पाने के बाद मोबाइल कॉमर्स प्लेटफार्म पेटीएम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा ने कहा कि यह हमारे लिए वाकई बेहद खास अवसर है। हम अर्थव्यवस्था में नकदी इस्तेमाल को घटाने में काफी हद तक सफल रहे हैं।

आरबीआई से इस मंजूरी के साथ हम गैर बैंकिंग सेगमेंट के लिए वित्तीय समावेशन, भुगतान व्यवस्था को आधुनिक बनाने और अपनी सेवाओं के लिए और अधिक विश्वास पैदा करने के प्रति अपनी वचनबद्धता को मजबूत बनाने में सक्षम होंगे।

हमें विश्वास है कि मोबाइल और डेटा विश्लेषण तकनीक के साथ हम भारत में वित्तीय समावेशन अवसर का कायाकल्प करने में सक्षम रहेंगे। यह लगभग आधा अरब भारतीयों को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाने से जुड़ी पहल है।

वहीं डाक विभाग को लाइसेंस तो मिल गया है लेकिन अब तक केवल तीन हजार पोस्ट ऑफिस ही कोर बैंकिग से जुड़ पाए हैं। इस पर इंडिया पोस्ट के मुख्य कार्यकारी का कहना है कि वह अन्य मोबाइल कंपनियों से समझौता करने को तैयार हैं।

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