RBI ने घटाया रेपो रेट, कम हो सकती है EMI
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रिजर्व बैंक ने क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा के बाद रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इस कटौती के साथ ही रेपो रेट 7.50 से घटकर 7.25 हो गया है। हालांकि, सीआरआर में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। मौजूदा समय में सीआरआर 4 प्रतिशत है।
रिजर्व बैंक के इस फैसले के बाद बाजार में पैसे बढ़ जाएंगे। अब उम्मीद लगाई जा रही है कि इस कटौती के बाद लोगों की ईएमआई में कमी आ सकती है।
इस फैसले के बाद 20 साल तक 1 लाख रुपए के लोन के लिए हर महीने करीब 17 हजार रुपए तक ईएमआई कम हो सकती है, जो आम आदमी के लिए काफी राहत की बात है।
इस बार कर्ज सस्ता करने की उम्मीद इसलिए भी ज्यादा बढ़ गई है, क्योंकि इस बारे में न सिर्फ उद्योग संगठन और केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली आशा जता चुके हैं, बल्कि महंगाई दरें भी काबू में है।
सुब्रमण्यम ने भी की थी कटौती की बात
वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने पिछले दिनों
पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि इस समय ब्याज दरों में कटौती के लिए
माहौल उचित है और जिन तथ्यों पर यह फैसला किया जाता है, वह सब अभी रिजर्व
बैंक के अनुकूल हैं। उनका कहना था कि महंगाई दर निचले स्तर पर है।
महंगे
कर्ज की वजह से बैंकों से कर्ज की मांग, कंपनियों का मुनाफा, औद्योगिक
रफ्तार सभी कुछ सुस्त है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी हाल ही में कहा था
कि अर्थव्यवस्था के संकेतों को देखते हुए यह दौर ब्याज दरों में कटौती के
लिए एकदम उपयुक्त है।
यदि महंगाई की दरों को देखें तो बीते अप्रैल में लगातार छठे महीने थोक महंगाई दर गिरकर 2.65 फीसदी के ऋणात्मक स्तर पर पहुंच गई है। इसी तरह खुदरा महंगाई की दर भी लगातार चौथे माह गिरकर 4.87 फीसदी पर आ गई है। राजकोषीय मोर्चे पर भी सरकार की स्थिति ठीक है।