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अब रिजर्व बैंक ने दी ब्याज दरें घटाने की नसीहत
चेन्नई/एजेंसी
Updated Thu, 04 Jul 2013 08:58 PM IST
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वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बाद अब रिजर्व बैंक ने भी बैंकों से कर्ज की ब्याज दरें सस्ती करने की नसीहत दी है।
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वित्त मंत्री द्वारा सरकारी बैंकों से दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की अपील का समर्थन करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा कि केंद्रीय बैंक आर्थिक विकास को गति देने को लेकर बहुत अधिक सतर्क है। बैंकों को निवेश आकर्षित करने के लिए कर्ज सस्ता करना चाहिए।
सुब्बाराव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कमी की, तो यह उम्मीद थी कि बैंक दरों में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाएंगे। कुछ बैंकों ने कर्ज सस्ता किया लेकिन कुछ ने ब्याज दरों में कोई कमी नहीं की।
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उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रसार जिस स्तर पर होना चाहिए, उतना नहीं है। इसलिए, रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति में तंत्र में जरूरी नकदी का प्रसार सुनिश्चित करने को लेकर अधिक सतर्क रवैया अपनाएगा। निवेश आकर्षित करने के लिए यह जरूरी है कि बैंक अपनी उधारी दरों को आकर्षक बनाएं।
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सुब्बाराव ने कहा कि रिजर्व बैंक विकास को भी रफ्तार देने के प्रति जागरूक है लेकिन हमें महंगाई को लेकर व्याप्त चिंताओं के साथ भी संतुलन बनाना होगा।
मौद्रिक नीति में मूल्य स्थिरता, विकास और वित्तीय स्थिरता प्रमुख कारक हैं। बेहतर विकास दर रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी सहायक है। मौद्रिक नीति को लेकर मुख्य चुनौती इन सभी के बीच संतुलन बनाना है।
पिछले दिनों आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए वित्त मंत्री और सरकार ने रिजर्व बैंक से मौद्रिक नीति नरमी बरतने का आग्रह किया था।
इस पर रिजर्व बैंक के गवर्नर का कहना है कि विकास को लेकर हम भी बहुत सचेत हैं लेकिन कीमतों में नरमी और वित्तीय स्थिरता का माहौल इसके लिए बहुत आवश्यक है।
पिछले सप्ताह वित्त मंत्री ने कहा था कि रिजर्व बैंक को अपना फोकस केवल महंगाई को नियंत्रित करने पर ही नहीं करना चाहिए बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को लेकर भी होना चाहिए।