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रतन टाटा ने स्नैपडील में खरीदी हिस्सेदारी

Thu, 28 Aug 2014 08:58 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 28 Aug 2014 08:58 AM IST
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Ratan Tata picks up stake in Snapdeal

टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील में हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने मार्च 2016 तक अपने वस्तुओं के कारोबार की कुल वैल्यू (ग्रास मर्केंडाइज वैल्यू) 2 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद जताई है।

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स्नैपडील ने कहा है कि टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने कंपनी में ‘निजी निवेश’ किया है। कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ कुणाल बहल का कहना है कि टाटा ने निजी तौर पर यह निवेश किया है। उद्योग जगत में उनका कद बहुत बड़ा है। मैं और मेरी टीम उनसे बहुत कुछ सीख सकती है। हालांकि, बहल ने निवेश की विस्तृत जानकारी के संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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भविष्य की योजनाओं के बारे में बहल ने कहा कि पिछले ढाई साल में हमारी जीएमवी 1 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। स्नैपडील ई-कॉमर्स के क्षेत्र में सबसे कम समय यह वैल्यू हासिल करने वाली कंपनी है। हमें मार्च 2016 तक जीएमवी 2 अरब डॉलर तक पहुंचने का पूरा भरोसा है। देश में 1 अरब डॉलर की जीएमवी वाली दूसरी कंपनी केवल इसकी घरेलू प्रतिस्पर्धी फ्लिपकार्ट है।
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स्नैपडील में नामचीन उद्योगपति और आईटी दिग्गज अजीम प्रेमजी ने भी प्रेमजी इनवेस्ट के जरिए निवेश किया है। कंपनी ने मई में निवेशकों से करीब 10 करोड़ डॉलर (करीब 600 करोड़ रुपये) की पूंजी जुटाई। यह पूंजी टेमासेक, ब्लैकरॉक इंक, मिरीअड, प्रेमजी इनवेस्ट और टायबोर्न के जरिए जुटाई थी। जबकि, फरवरी में कंपनी ने मौजूदा निवेशकों, ईबे और अन्य से 13.37 करोड़ डॉलर (करीब 830 करोड़ रुपये) की फंडिंग प्राप्त की।


स्नैपडील अपना कारोबार शुरू से लेकर अब तक करीब 40 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटा चुकी है। कंपनी ने 10 करोड़ डॉलर का निवेश करीब 3 अरब डॉलर के भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में अपनी लॉजिस्टिक और परिचालन क्षमता के विस्तार के लिए किया है। स्नैपडील पर फिलहाल 500 अलग-अलग श्रेणियों में 50 लाख से अधिक उत्पाद उपलब्ध हैं और इसके करीब 2.5 करोड़ पंजीकृत यूजर हैं। कंसल्टिंग कंपनी टेक्नोपेक पेग्स की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक ई-रिटेलिंग बाजार 32 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

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