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डेढ़ लाख बेटिकटों ने भर डाली रेलवे की झोली

Mon, 01 Feb 2016 04:53 AM IST
Updated Mon, 01 Feb 2016 04:53 AM IST
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railway earned crores of rupees from passengers travelling without ticket

रेलवे भले ही लाख अभियान चलाए, लेकिन बेटिकट यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। बेटिकट यात्रियों के आंकड़ों को देखकर यही कहा जा सकता है।

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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन के इलाहाबाद, झांसी, आगरा मंडल के स्टेशनों और संबंधित जोन में चलने वाली ट्रेनों में बीते एक साल के दौरान हुई आकस्मिक चेकिंग के दौरान तकरीबन डेढ़ लाख यात्री बिना टिकट एवं अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने के आरोप में पकड़े गए। इस दौरान रेलवे प्रशासन ने करोड़ों रुपये जुर्माने के रूप में वसूल लिए।
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एनसीआर जोन की ओर से समय-समय पर बेटिकट यात्रियों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। रेलवे द्वारा ट्रेनों एवं स्टेशनों पर कभी फ्रोट्रेस जांच की जाती है तो तभी बस रेड। इन सभी तरह के अभियानों में रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) की अहम भूमिका रहती है।

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कई खा चुके हैं हवालात की हवा

railway earned crores of rupees from passengers travelling without ticket

बीते एक साल के दौरान एनसीआर जोन के इलाहाबाद, कानपुर, फतेहपुर, आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, मथुरा, मिर्जापुर, इटावा, ग्वालियर, धौलपुर, झांसी, ललितपुर, टूंडला, अलीगढ़, खुर्जा आदि स्टेशनों पर चले जांच अभियान के दौरान 149929 यात्री बिना टिकट एवं अनियमित टिकट लेकर यात्रा करने के आरोप में पकड़े गए।

इन यात्रियों से मौके पर छह करोड़ 12 लाख 64 हजार 041 रुपये का जुर्माना वसूला गया, जो यात्री जुर्माना नहीं दे सके उन्हें हवालात की भी हवा खानी पड़ी। एनसीआर के इलाहाबाद मंडल में पिछले साल हुई बस रेड की बात करें तो इस अवधि में यहां पकड़े गये यात्रियों से 1.26 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।

क्या है ‘बस रेड’?

railway earned crores of rupees from passengers travelling without ticket

ट्रेनों में टिकट चेकिंग के लिए विभिन्न स्टेशनों पर रेलवे के वरिष्ठ अफसरों के नेतृत्व में एक पूरी टीम जाती है। इस दौरान छोटे स्टेशनों की आरपीएफ एवं जीआरपी के जवानों द्वारा घेराबंदी कर ट्रेनों की चेकिंग की जाती है। रेलवे की भाषा में इस पूरी प्रक्रिया को ‘बस रेड’ कहा जाता है।

यात्रियों को चाहिए कि वे उचित टिकट लेकर ही यात्रा करें। रेलवे द्वारा समय-समय पर बेटिकट यात्रियों के खिलाफ स्पेशल अभियान चलाया जाता है। जो आगे भी चलता रहेगा।
अमित मालवीय, पीआरओ, एनसीआर।

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