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जानिए, कौन से वादे रेलवे ने नहीं किए पूरे

Wed, 12 Feb 2014 08:29 AM IST
Updated Wed, 12 Feb 2014 08:29 AM IST
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railway don't complete own promise

वेटिंग टिकट का कन्फर्म स्टेटस मोबाइल पर मैसेज देने का वादा भी पूरा नहीं हो सका। रेलवे की योजना के तहत वेटिंग टिकट वाले स्वत: मोबाइल के माध्यम से अपडेट होते रहेंगे।

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रिजर्वेशन चार्ट बनते ही एसएमएस से स्टेटस अलर्ट दे दिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस सुविधा के नहीं होने से यात्रियों को आज भी 139 पर मैसेज या कॉल कर रिजर्वेशन स्टेटस बराबर पता लगाना पड़ता है।
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इंफोटेनमेंट की सुविधा नहीं मिली

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यात्रियों को इंफोटेनमेंट की सुविधा भी नहीं मिल सकी है। रेलवे हाईटेक होने का तो दावे करता है, लेकिन बतौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने वाला ट्रेन में इंटरनेट सिस्टम की शुरूआत सभी ट्रेन में नहीं हो सकी है।

शताब्दी ट्रेनों में सफर के दौरान लाइव प्रसारण के माध्यम से चैनल पर मनोरंजन का लुत्फ भी यात्री नहीं उठा सके।

बिजवासन रेलवे स्टेशन अभी भी फाइलों में

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कई वर्ष बीत जाने के बाद भी बिजवासन रेलवे स्टेशन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। आज भी यह योजना फाइलों में ही सिमट कर रह गई है।

इस स्टेशन के विकास के पीछे यह तर्क था कि दिल्ली के मुख्य स्टेशन पर बोझ बढ़ रहा है, लिहाजा पश्चिम भारत की तरफ जाने वाली ट्रेन को बिजवासन स्टेशन पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

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स्वचालित सीढ़ियों से लैस नहीं हो सका स्टेशन

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कई छोटी घोषणाएं भी अटकी हुई हैं। इस कड़ी में वर्ल्ड क्लास स्टेशन को यात्री फ्रेंडली बनाने का काम भी पूरा नहीं हो सका। पूरे साल में आधा दर्जन भी स्वचालित सीढ़ी (एस्केलेटर) दिल्ली के स्टेशनों पर नहीं लगी। जबकि पूरे देश में 50 और दिल्ली के स्टेशनों पर एक दर्जन से अधिक स्वचालित सीढ़ी लगनी थी।

यात्रियों की बढ़ती संख्या

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यात्रियों की बढ़ती संख्या, कम पड़ते वेटिंग रूम और रिटायरिंग रूम की कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली में बजट होटल बनाने की घोषणा हुई था, यह योजना भी परवान नहीं चढ़ सकी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में पांच बजट होटल बनाने का वादा किया गया था। जिसके तहत रेलवे स्टेशन के आसपास यात्री निवास के लिए सुविधा मुहैया करानी थी।

बुक-ए-मील योजना का फायदा नहीं

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केंद्रीय रेल मंत्रालय ने बुक-ए-मील योजना का आश्वासन आम यात्रियों को दिया था। जिसके तहत ट्रेन में बेहतर खाने की सुविधा ऑन डिमांड मुहैया करानी थी।

यात्री सिर्फ मोबाइल से एसएमएस या ई-मेल कर अपने पसंद का लजीज व्यंजन पा सकेगा। क्षेत्रीय व्यंजन उपलब्ध कराने का भी वादा किया गया था। लेकिन यह योजना भी अटकी पड़ी है।

ट्रेन में डॉक्टर का वादा भी लटका

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यात्री डायग्नोस्टिक केंद्र का पता नहीं
दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद, साहिबाबाद आदि स्टेशन केसमीप यात्री डायग्नोस्टिक सेंटर खोलने का वादा किया गया था। लेकिन यह योजना भी खटाई में ही है। चार बजट बीत जाने के बाद भी इसे अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी नहीं दिख रही है। इससे साफ है कि पिछले बजट की घोषणा की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

स्टेशन पर एंबुलेंस, ट्रेन में डॉक्टर का वादा भी लटका
राजधानी के स्टेशन पर एंबुलेंस सेवा और लंबी दूरी की ट्रेन में डॉक्टर की सुविधा देने की रेल मंत्रालय का वादा भी पूरा नहीं किया जा सका। अगर दुरंतो ट्रेन को छोड़ दें तो आज भी हजारों ट्रेनों में यात्रियों को डॉक्टर नहीं मिलते। इतना जरूर किया गया है कि यात्रा टिकट में डॉक्टरों को छूट देने की सुविधा देने अनिवार्य कर दी गई है।

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