फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   railway also need mgnregs

रेलवे को भी पड़ी मनरेगा की जरूरत

Tue, 26 Feb 2013 09:05 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 26 Feb 2013 09:05 PM IST
विज्ञापन
railway also need mgnregs

आर्थिक चुनौतियों के ट्रैक पर मुंह फाड़े खड़े रेलवे को भी अब मनरेगा की आवश्यकता पड़ गई है। रेलवे अपना कामकाज ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से पूरा करेगा।

विज्ञापन


लोकसभा में रेल बजट पेश करते हुए रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि रेल लाइनों के विस्तार और दोहरीकरण सहित अन्य कामकाज जिसमें मानव श्रम की जरूरत पड़ती है, वे सभी मनरेगा के तहत किए जा सकेंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन


रेल बजट में इसका ऐलान करते हुए बंसल ने कहा कि मनरेगा के जरिए रेल लाइन का विस्तार, छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदलने, पुरानी लाइनों के नवीनीकरण एवं नए स्टेशन बनाने सहित अन्य कामों को पूरा किया जा सकेगा। इससे कम खर्च में रेलवे अपनी लंबित परियोजनाओं को पूरा कर सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मनरेगा के नियमों के तहत न सिर्फ पुरानी बल्कि रेलवे की नई परियोजनाओं को भी पूरा किया जा सकेगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के इस सहयोग से रेलवे का काम आसान तो होगा ही साथ ही ग्रामीण इलाकों में ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजित करने का मनरेगा का मकसद भी पूरा हो सकेगा।


रेलवे की माने तो जिस तरह से मंत्रालय के पास धन की कमी है, उससे नई परियोजनाओं के पूरा होने में दस वर्ष से भी अधिक का समय लग सकता है। यही नहीं परियोजनाओं में देरी से उसकी लागत में भी बढ़ोतरी होगी। रेलवे की परियोजनाओं में लगभग 30 फीसदी हिस्सा मजदूरी का होता है। लिहाजा मनरेगा के जरिए यह काम होने से रेलवे की योजना लागत घटेगी बल्कि परियोजनाओं को समय पर भी पूरा किया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed