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रेल से सफर करना होगा और महंगा
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 04 Oct 2013 11:10 AM IST
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जल्द ही ट्रेन से यात्रा करने के लिए आपकों अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी होगी। एक बार फिर से भारतीय रेलवे यात्री किराए में बढ़ोतरी करने का मन बना रही है।
डीजल की बढ़ती कीमतों, कर्मचारियों के वेतन और बोनस भुगतान के दबाव में रेलवे ने एकबार फिर यात्री किराया बढ़ाने का मन बनाया है।
उच्च श्रेणी के टिकटों में इसी महीने से पांच से दस फीसदी तक बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव रेलवे ने किया है।
रेल मंत्री ने एफएसी (फ्यूल एडजस्ट कंपोनेट) नीति के तहत जल्द ही किराए में वृद्धि के प्रस्ताव को हरी झंडी दे सकते हैं। रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरूवार को जारी एक बयान में कहा कि वे रेल किराये में वृद्धि पर जल्द ही फैसला लेंगे।
रेल टैरिफ अथॉरिटी के गठन से पहले तक रेलवे में किराया और मालभाड़ा तय करने के लिए ईंधन की कीमतों में तेजी व कमी के आधार पर फैसला लेने का नियम बनाया गया था।
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आगामी विधानसभा और लोकसभा के चुनावों के मद्देनजर केंद्र सरकार भी आम जनता को प्रभावित करने वाले निर्णयों को लेने से पहले फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। ऐसा कोई भी फैसला जो उसके वोट बैंक को प्रभावित करे, ऐसे फैसलों से सरकार दूर ही रहेगी।
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डीजल की बढ़ती कीमतों, कर्मचारियों के वेतन और बोनस भुगतान के दबाव में रेलवे ने एकबार फिर यात्री किराया बढ़ाने का मन बनाया है।
उच्च श्रेणी के टिकटों में इसी महीने से पांच से दस फीसदी तक बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव रेलवे ने किया है।
रेल मंत्री ने एफएसी (फ्यूल एडजस्ट कंपोनेट) नीति के तहत जल्द ही किराए में वृद्धि के प्रस्ताव को हरी झंडी दे सकते हैं। रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरूवार को जारी एक बयान में कहा कि वे रेल किराये में वृद्धि पर जल्द ही फैसला लेंगे।
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रेल टैरिफ अथॉरिटी के गठन से पहले तक रेलवे में किराया और मालभाड़ा तय करने के लिए ईंधन की कीमतों में तेजी व कमी के आधार पर फैसला लेने का नियम बनाया गया था।
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आगामी विधानसभा और लोकसभा के चुनावों के मद्देनजर केंद्र सरकार भी आम जनता को प्रभावित करने वाले निर्णयों को लेने से पहले फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। ऐसा कोई भी फैसला जो उसके वोट बैंक को प्रभावित करे, ऐसे फैसलों से सरकार दूर ही रहेगी।