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राहुल की राह आसान करने को चुनावी जमीन तैयार
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
Updated Thu, 28 Feb 2013 10:48 PM IST
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चुनावी साल में ग्रामीण और शहरी कमजोर तबकों पर ही वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने यूपीए दो की सत्ता में रिटर्न टिकट का दांव लगा दिया है।
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दरअसल, यूपीए सरकार का आखिरी बजट होने के बावजूद मिस्टर चिंदबरम ने जनता को लॉलीपॉप और लोकलुभावन योजनाओं का झुनझुना देने के बजाय अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने के ठोस कदम उठाने के बाद ही आक्रामक पारी खेलने का आधार तैयार कर लिया है।
वित्त मंत्री ने कांग्रेस के मूल आधार रहे गांवों की ओर सरकार के खजाने का मुंह खोला है तो साथ ही युवाओं को उम्मीदें, महिलाओं को ताकत और गरीबों का जीवन सुधारने की दिशा में कदमों का ऐलान कर कांग्रेस के चुनावी एजेंडे को बिना किसी शोर शराबे के आगे बढ़ाया है।
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वन डे छोड़ टेस्ट मैच को तरजीह दे रहे सचिन तेंदुलकर की तरह वित्त मंत्री पी चिंदबरम भी अब टेस्ट पारी को वरीयता देकर यूपीए सरकार को सत्ता में निरंतर बरकरार रखने की दिशा में खेलने की कोशिश कर रहे हैं।
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आखिरी बजट में चुनावी घोषणाओं और बड़े वायदे करने की परंपरा को छोड़ते हुए चिदंबरम ने चुनावी साल में ग्रामीण और शहरी कमजोर तबकों पर ही यूपीए दो के सत्ता में रिटर्न टिकट का दांव खेल दिया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की चुनावी राह आसान करने की दिशा में चिदंबरम का यह दांव माना जा रहा है।
मध्यम वर्ग को राहत नहीं देने तो अमीरों पर टैक्स की कड़वी दवा देकर कांग्रेस ने ग्रामीण और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली आबादी पर अपना ध्यान लगा दिया है। मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का दायरा बढ़ाकर गांवों को खुश किया है तो बीपीएल परिवारों को खाद्य सुरक्षा और सीधे नकद योजना देने की बात कर यूपीए सरकार की पारी की निरंतरता कायम करने की कोशिश की है।
कांग्रेस के एक बड़े नेता कहते है कि राहुल गांधी खुद शॉटकर्ट के बजाय सियासत की लंबी पारी खेलने में विश्वास रखते हैं और शायद चिदंबरम इसी एजेंडे पर काम कर रहे हैं। आम बजट में दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद महिलाओं को ताकत देते हुए राष्ट्रीय महिला बैंक और निर्भय निधि की शुरूआत की है। तो युवाओं की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करते हुए कौशल विकास के कार्यक्रमों को चुस्त किया गया है।
वहीं गरीबों को सीधे खातों में नकद देकर विभिन्न योजनाओं का फायदा दिया गया है। दरअसल, चिदंबरम ने बिना किसी शोर शराबे के चुनावी जमीन तैयार की गई है। उन्होंने विपक्ष को भी जोरदार झटका देने की कोशिश की है, जो बजट आने से पहले ही दंभ भर रहा था कि कांग्रेस की यूपीए सरकार अपने आखिरी बजट में जनता को लालीपॉप चटाकर बेवकूफ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
चिदंबरम ने महंगाई से त्रस्त जनता को राहत देने का इरादा जताकर संकेत दे दिए है कि वह अगले साल वोट ऑन अकाउंट यानी संक्षिप्त बजट के जरिए जनता को राहत देने की दिशा में आयकर में छूट जैसे बड़े कदम उठा सकती है।