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पांच सालों में 80,000 करोड़ रुपये का होगा निजी सुरक्षा उद्योग

Mon, 15 Dec 2014 09:13 AM IST
नई दिल्ली /ब्यूरो
नई दिल्ली /ब्यूरो Updated Mon, 15 Dec 2014 09:13 AM IST
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Pvt security services to be Rs 80,000-cr industry in 5 years

घरेलू निजी सुरक्षा उद्योग अगले पांच सालों में दोगुना होकर 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री एवं सिक्योरिटी सेक्टर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन कुंवर विक्रम सिंह ने नौवें सिक्योरिटी स्किल एवं लीडरशिप सम्मेलन 2014 को संबोधित करते हुए यह बात कही।

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कुंवर विक्रम सिंह ने बताया कि सिक्योरिटी सेवा कंपनियों में मानवश्रम की बढ़ती मांग को देखते हुए हमें विश्वास है कि आने वाले समय में घरेलू निजी सुरक्षा क्षेत्र में तेजी से विकास होगा। औद्योगिक परिसरों, आईटी पार्कों अन्य सार्वजनिक ढांचागत सुविधाओं जैसे हवाई अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, शॉपिंग मॉल, सार्वजनिक उपयोगिता क्षेत्रों में सुरक्षा सेवाओं की जरूरत कई गुना बढ़ जाएगी।
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निजी सुरक्षा क्षेत्र में मानवश्रम बेहद महत्वपूर्ण है तथा नकद सेवाओं के बाद कारोबार में 80 फीसदी का योगदान देता है। निजी सुरक्षा क्षेत्र तेजी से उभरता क्षेत्र है। रोजगार सृजन की दृष्टि से देखा जाए तो आने वाले समय में यह दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र होगा।
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यह क्षेत्र ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में समाज के कमजोर वर्गों को कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा। मौजूद समय में निजी सुरक्षा क्षेत्र में 70 लाख पुरुष और महिला कर्मचारी कार्यरत हैं, जो देश के विभिन्न क्षेत्रों को सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।

उन्होंने बताया कि नकद सेवा कारोबार निजी सुरक्षा उद्योग का एक छोटा सा हिस्सा है, जो उद्योग जगत में 10 फीसदी का योगदान देता है। देश में एटीएम की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसमें 20-25 फीसदी की दर से विकास होगा।

नगदी रसद उद्योग बैंकों की ओर से करेंसी नोटों एवं अन्य कीमती चीजों के प्रवाह एवं संग्रहण पर नियंत्रण रखता है। इस सेक्टर में लगभग 50,000 कर्मचारी काम करते हैं। यह सेक्टर लगभग 1 लाख एटीएम के माध्यम से नगदी सेवाएं मुहैया कराता है।


सिंह ने आगे कहा कि गुणवत्तापूर्ण मानवश्रम की आपूर्ति के लिए हम देश के आदिवासी बेल्ट पर फोकस करेंगे। निजी सुरक्षा क्षेत्र में आदिवासी युवाओं को शामिल करने से न केवल उद्योग जगत सशक्त होगा, बल्कि आने वाले सालों में इसके विकास की भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। 

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