निजी एफएम रेडियो 1400 करोड़ का करेंगे कारोबार
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रिपोर्ट के मुताबिक, देश में एफएम रेडियो की संयुक्त सालाना वृद्धि दर (सीएसीजी) 14 फीसदी है। अगले तीन साल में तीसरे चरण का एफएम प्रसार होने के साथ एफएम रेडियो का कारोबार बढ़कर 2,300 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है और सालाना वृद्धि दर 18 फीसदी हो सकती है। देश के कुल विज्ञापन उद्योग में एफएम रेडियो की हिस्सेदारी करीब 4 फीसदी है। वैश्विक स्तर पर यह हिस्सेदारी 5 फीसदी और 10 फीसदी के बीच है।
आईआरएस 2012 के दूसरी तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक रेडियो के श्रोताओं की कुल संख्या करीब 15.8 करोड़ है, जिसमें से एफएम रेडियो के ऑडियंस करीब 10.6 करोड़ हैं। जबकि, टेलीविजन के ऑडियंस की संख्या 56.3 करोड़ और प्रिंट मीडिया के पाठकों की संख्या 35.2 करोड़ है। एन्सर्ट एंड यंग पार्टनर आशीष फेरवानी का कहना है कि यह रिपोर्ट रेडियो कंपनियों, नियामक, म्यूजिक लेबल सहित 23 उद्योगों को देखते हुए तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में एफएम रेडियो के तीसरे चरण के विस्तार को जल्द प्रभावी करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। जिससे इंडस्ट्री अगले तीन साल में 1,400 करोड़ से बढ़कर 2,300 करोड़ रुपये की बन सके।