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अब कपड़े भी हो सकते हैं सस्ते
नई दिल्ली/ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2014 09:27 AM IST
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खाने-पीने की चीजों की कीमतों में राहत के बाद कपड़ों की कीमतों में भी राहत के आसार हैं। दीपावली के स्टॉक के बचे होने व लागत स्तर में होने वाली कमी की वजह से गारमेंट उत्पाद के दाम में अगले दो-तीन महीनों में नरमी की उम्मीद की जा रही है। गारमेंट की मांग में कोई बढ़ोतरी नहीं होना इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है।
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गारमेंट उत्पादकों के मुताबिक मांग को लेकर घरेलू अपैरल उद्योग में किसी प्रकार की तेजी का रुख नहीं है। दीपावली के दौरान भी उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं रही। क्लॉथ मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमएआई) के अध्यक्ष राहुल मेहता कहते हैं, अगले दो-तीन महीनों में गारमेंट की कीमतों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है, उल्टा थोड़ी बहुत गिरावट जरूरत हो सकती है।
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मेहता के मुताबिक दीपावली के दौरान उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं होने से पुराना स्टॉक बचा है। वहीं, यार्न के दाम पहले के मुकाबले कम होने से लागत में भी कमी आ रही है। दूसरी तरफ, गारमेंट की मांग की कहीं से भी तेजी का रुख नहीं है। ई-कॉमर्स पर होने वाली बिक्री में बढ़ोतरी से भी गारमेंट का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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गारमेंट निर्माता सुनील जुनेजा के मुताबिक गारमेंट की अधिकतर बिक्री अब सेल में होती है। पूरे मूल्य वाले सीजन में गारमेंट की बिक्री कम होती जा रही है। पहले सालाना कारोबार में 60 फीसदी बिक्री पूरे मूल्य वाले सीजन में होती थी, लेकिन अब यह घटकर 45-50 फीसदी तक रह गई है।
गारमेंट निर्माताओं ने बताया कि यार्न के दाम में कमी से उनकी लागत में मामूली कमी आई है। उनका कहना है कि गारमेंट की मांग में अब मार्च-अप्रैल के पहले कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इसलिए अगले तीन-चार महीने तक गारमेंट की कीमतों में तेजी का कोई मतलब नहीं है।