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औद्योगिक मंदी को खुद देखें प्रधानमंत्री
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2013 11:36 PM IST
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औद्योगिक उत्पादन में गिरावट पर चिंता जताते हुए उद्योग जगत ने कहा है कि प्रधानमंत्री के अंतर्गत एक उच्च स्तरीय समिति को औद्योगिक मंदी के मुद्दे को देखना चाहिए। फिक्की की प्रेसिडेंट नैना लाल किदवई का कहना है कि कंज्यूमर गुड्स और इनवेस्टमेंट दोनों में निगेटिव ग्रोथ गंभीर चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री की देखरेख में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर इस मुद्दे को देखना चाहिए।
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निराशाजनक आंकड़ों को देखते हुए रिजर्व बैंक को आगे ब्याज दरों में और कटौती करनी चाहिए। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि सरकार को आगामी बजट में किसी भी तरह के कर या शुल्क में बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए। बजट में मांग बढ़ाने और निवेश धारणा मजबूत करने के उपाय किए जाएं। एसोचैम के प्रेसिडेंट राजकुमार धूत ने कहा कि प्राथमिक और कैपिटल गुड्स के उत्पादन में लगातार गिरावट से लगता है कि अपनी आर्थिक सुधार अभी दूर की कौड़ी है।
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