अभी और सस्ती होगी दाल, 5 रुपए तक पहुंच सकती है प्याज
दाल की कीमतों में आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को राहत मिलने जा रही है। अगले 15-20 दिनों में दाल के भाव में प्रति किलोग्राम 10-15 रुपये तक की गिरावट की उम्मीद की जा रही है।
भाव में यह गिरावट बाजार में दाल की मांग के अनुरूप उपलब्धता व सब्जियों के दाम में कमी की वजह से होने जा रही है। वहीं आयातित दाल भी बाजार में पूरी तरह से आ चुकी है। हालांकि दाल कारोबारियों का यह भी कहना है कि रबी के लिए बारिश नहीं होने पर दाल के दाम फरवरी के बाद फिर से बढ़ सकते हैं।
दिल्ली की दाल मंडी में अरहर दाल की थोक कीमत 110 रुपये प्रति किलोग्राम है। मूंग के थोक दाम 70-75 रुपये प्रति किलोग्राम तो मसूर के थोक भाव 60-65 रुपये प्रति किलोग्राम बताए जा रहे हैं।
दिल्ली दाल व दलहन थोक विक्रेता एसोसिएशन के प्रधान अशोक गुप्ता ने बताया कि त्योहारी मौसम की समाप्ति और सस्ती सब्जियां होने से दाल की मांग कम हो गई है।
10-15 रुपए सस्ती होगी दाल
आयातित दाल भी पूरी तरह से बाजार में आ चुकी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में दाल के दाम में प्रति किलोग्राम 10-15 रुपये की गिरावट हो सकती है। मूंग दाल के दाम में पिछले दो-तीन महीनों की तुलना में 15 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी आई है।
मसूर दाल में भी नरमी का रुख है। उन्होंने बताया कि फरवरी के बाद दाल के दाम रबी के लिए होने वाली बारिश पर निर्भर करेंगे। अगर मौसम अनुकूल नहीं रहा तो दाल के दाम फिर से तेज हो सकते हैं। अक्तूबर माह के दौरान दाल के भाव 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए थे।
दूसरी तरफ विशेषज्ञ इस बात को लेकर आशंकित है कि इस साल रबी के दौरान दाल के लिए होने वाली बुवाई पिछले साल से कम है। इस साल 20 नवंबर तक दाल की फसल की बुवाई पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3 लाख हेक्टेयर कम है। हालांकि अभी दाल की फसल के लिए बुवाई और होने की उम्मीद की जा रही है।
प्याज के दाम 5 तक गिरेंगे
दाल के साथ प्याज के दाम भी और गिरेंगे। दिल्ली आजादपुर मंडी में प्याज के थोक कारोबारी राजेंद्र शर्मा के मुताबिक प्याज की फसल चारों तरफ अच्छी है और अगले 10 दिनों में प्याज के थोक दाम में 5 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट हो सकती है।
अभी मंडी में प्याज के थोक भाव 10-20 रुपये प्रति किलोग्राम है, जो अगले 10 दिनों में 5-15 रुपये के स्तर पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्याज के खुदरा भाव अभी 40 रुपये होने का कोई औचित्य नहीं है।