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रियायती सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने पर अलग-अलग सुर

Tue, 06 Nov 2012 11:43 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 06 Nov 2012 11:43 PM IST
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price hike rollback of lpg decided by oil marketing firms says veerappa moily
सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने को लेकर सियासत जारी है, लेकिन तेल कंपनियां सरकार के इस रणनीति से अनभिज्ञ होने का दावा कर रही हैं। प्रत्येक घरेलू रसोई गैस कनेक्शन पर सालाना छह से ज्यादा सिलेंडर मुहैया कराने के मुद्दे पर फिलहाल सरकार और कंपनियों के सुर अलग-अलग हैं।
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पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली का कहना है कि सिलेंडर कैपिंग को लेकर तेल कंपनियों को निर्णय लेना है, जबकि इंडियन ऑयल के चेयरमैन आरएस बुटोला ने कहा है कि अभी तक इस मुद्दे पर मंत्रालय के साथ बात शुरू नहीं हुई है। उन्होंने इस मुद्दे पर मंत्रालय के पाले में गेंद डालते हुए कहा कि सीमित संख्या में सब्सिडी प्राप्त सिलेंडर मुहैया कराने का निर्णय सरकार की ओर से लिया गया था। आगे भी सरकार की ओर से जिस तरह के निर्देश दिये जाएंगे, कंपनी उसका अनुसरण करेगी। यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह इस बाबत क्या निर्णय लेना चाहती है।
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उल्लेखनीय है कि दिल्ली को छोड़कर किसी भी कांग्रेस शासित राज्य में अब तक सब्सिडी वाले नौ एलपीजी सिलेंडर देने की घोषणा पर अमल शुरू नहीं किया है, जबकि सितंबर में ही इन प्रदेशों में तीन अतिरिक्त रियायती सिलेंडर उपभोक्ताओं को राज्य के खर्च पर देने का ऐलान किया जा चुका है। दिल्ली में नौ रियायती एलपीजी सिलेंडर केवल गरीब उपभोक्ताओं को मिलेगा।
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वहीं, उत्तराखंड और हरियाणा के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक उन पर नौ एलपीजी सिलेंडर देने का दबाव बना हुआ है, लेकिन राजस्व में चपत लगने के भय से राज्य सरकार ऐलान को अमली जामा पहनाने से कतरा रही है।


गौरतलब है कि छह सिलेंडर की कैपिंग से तेल कंपनियों को करीब 12 हजार करोड़ की बचत होने का अनुमान है। सूत्र बताते हैं कि राजनीतिक मुद्दा बन चुके  रसोई गैस सिलेंडर की कैपिंग की जगह मंत्रालय कुछ अन्य विकल्प तलाशने में लगा है।
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