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केंद्रीय योजनाओं के जरिये बनेगा बिल्डरों पर दबाव
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Nov 2012 12:05 AM IST
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बिल्डरों से सस्ते मकान बनवाने में नाकाम रही सरकार अब अपनी योजनाओं के जरिये इन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। प्राइवेट हाउसिंग स्कीम में 35 फीसदी मकान निमभन आय वर्ग के लिए सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय अपनी प्रमुख आवास योजनाओं की शर्तों में संशोधन करने में जुटा है।
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जेएनएनयूआरएम के दूसरे चरण में निम्न आय वर्ग के मकानों को बढ़ावा देने वाले राज्यों को प्राथमिकता देने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय से जुड़े आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि दूसरे चरण के लिए जवाहरलाल नेहरू नेशनल अरबन रिन्यूअल (जेएनएनयूआरएम) की नई गाइडलाइन तैयार की जा रही है।
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जो राज्य सस्ते मकानों के निर्माण को बढ़ावा देंगे और शहरों के मास्टर प्लान में 35 फीसदी मकान निम्न आय वर्ग के लिए आरक्षित कराने जैसे नियम बनाएंगे, उन्हें ज्यादा फंड मिलेगा। इस प्रकार के दिशानिर्देशों को जल्द ही सरकार की हरी झंडी मिल सकती है।
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मंगलवार को एक सम्मेलन में बोलते हुए आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री अजय माकन ने भी कहा है कि राजीव आवास योजना के तहत प्राइवेट बिल्डरों को 35 फीसदी मकान अथवा 15 फीसदी फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में से जो भी ज्यादा हो, निम्न आय वर्ग व आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित करना होगा। सरकार इस योजना पर करीब 40 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर को सिर्फ मुनाफा बढ़ाने के बजाय आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को भी फायदा पहुंचाने पर ध्यान देना चाहिए।