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रिजर्व बैंक पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बढ़ा

Mon, 18 Mar 2013 06:46 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Mon, 18 Mar 2013 06:46 PM IST
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pressure mounts on rbi to cut rate to boost growth

अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बीच प्रमुख महंगाई दर में नरमी आने के साथ ही रिजर्व बैंक पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बढ़ रहा है। इसके तहत, केंद्रीय बैंक से विकास को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज दरों में आधा फीसदी कटौती की आवश्यकता जताई जा रही है। रिजर्व बैंक मंगलवार को अपनी मध्य तिमाही समीक्षा पेश करेगा।

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इस बीच, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने उम्मीद जताई है कि रिजर्व बैंक मध्य तिमाही की मौद्रिक समीक्षा में लिक्विडिटी के स्थिति पर निश्चित तौर पर गौर करेगा। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने कहा है कि ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की कटौती जरूरी है।
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सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद चिदंबरम ने कहा, ‘मेरा मानना है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर भी तंत्र में लिक्विडिटी की स्थिति को लेकर वाकिफ हैं। निश्चित रूप से गवर्नर इस मुद्दे पर गौर करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकांश सरकारी बैंक 23 फीसदी की वैधानिक जरूरत से अधिक एसएलआर रख रहे हैं और कॉरपोरेट्स को कर्ज देने की बजाय उस पर ब्याज कमा रहे हैं।
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प्रतीप चौधरी ने कहा कि हमने रिजर्व बैंक से सीआरआर में आधा फीसदी और रेपो रेट में आधा फीसदी की कटौती का अनुरोध किया है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक से निर्यात एक्सपोर्ट क्रेडिट री-फाइनेंस को 50 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने की भी अपील की गई है। सख्त लिक्विडिटी स्थिति के चलते बैंकों ने सोमवार को रिजर्व बैंक से रेपो विंडो के तहत 1.42 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया।


फरवरी में प्रमुख महंगाई दर घटकर 3.8 फीसदी रह गई, जो गत 35 महीनों का निचला स्तर है। हालांकि, थोक मूल्य आधारित महंगाई दर खाद्य वस्तुओं के दाम में आई तेजी से बढ़कर 6.84 फीसदी पर पहुंच गई। हालांकि, जनवरी में औद्योगिक उत्पादन में भी सुधार देखा गया और इसकी वृद्धि दर 2.64 फीसदी रही।

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