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घपलों में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

Thu, 13 Jun 2013 09:06 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 13 Jun 2013 09:06 PM IST
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prepration to action on officers who involved in scam
वर्ष 2008 में कृषि ऋण माफी योजना के तहत घपलों में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई करने की तैयारी है। वित्त मंत्रालय ने इस मामले में लिप्त बैंक अधिकारियों और संबद्ध ऑडिटरों की सूची बैंकों से मांगी है, जिसके आधार पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों के लिए करीब 4.29 करोड़ रुपये की शुरू की गई कर्ज माफी योजना में कई पात्र किसानों को इसका लाभ ही नहीं मिल पाया। इसके अलावा अधिकारियों की साठगांठ से अपात्र लोगों ने अपने कर्ज, नियमों को ताक पर रख कर माफ करा लिए थे।
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में मामला सामने आने के बाद अब पूरे मामले की जांच आरबीआई और वित्त मंत्रालय के तहत की जा रही है। इस संबंध में संबंधित बैंकों को 30 जून तक अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को भेजनी है।
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सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने बैंकों को कहा है कि जिन मामलों में नियमों की अनदेखी की गई है, उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की सूची बैंक मंत्रालय के पास भेजे। साथ ही मंत्रालय ने उन ऑडिटरों की भी सूची मांगी है, जिन्होंने इन कर्ज की ऑडिट कर उसे सही ठहराया था।

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस घोटाले में बैंक अधिकारियों के साथ ऑडिटर भी उतने ही जिम्मेदार हैं। ऐसे में मंत्रालय इन अधिकारियों की सूची लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट की संस्था आईसीएआई से उन कार्रवाई करने को कहेगा।

इस बात की पुष्टि करते हुए सार्वजनिक बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस पहले ही भेजा जा चुका है। अब वित्त मंत्रालय ने मामले में संलिप्त अधिकारियों की सूची उन पर कार्रवाई करने के लिए मांगी है।


इस मामले में कैग की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 52,516 करोड़ रुपये की कर्ज माफी योजना को लागू करने में कई सारी अनियमितताएं पाई गईं। कैग ने अपनी रिपोर्ट में बैंक अधिकारियों, माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं की मिलीभगत के अलावा वित्त मंत्रालय के विभाग डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। पूरे मामले में अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों के अलावा, एक लाख प्राथमिक कृषि कोऑपरेटिव सोसाइटी, जिला सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शामिल हैं।
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