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रॉ शुगर पर आयात शुल्क बढ़ाने की तैयारी

Wed, 19 Dec 2012 09:41 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 19 Dec 2012 09:41 PM IST
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preparations for raise import duty on raw sugar

सरकार रॉ शुगर पर आयात शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रही है। अगले कुछ हफ्तों में इस पर फैसला किया जा सकता है। चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने संबंधी रंगराजन समिति की सिफारिशों पर भी सरकार जल्द फैसला लेगी। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री केवी थॉमस ने कहा है कि समिति की सिफारिशों को लागू करने की समय सीमा तय करने पर विचार चल रहा है।

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बुधवार को सहकारी चीनी मिलों के राष्ट्रीय परिसंघ (एनएफसीएसएफ) की वार्षिक सभा में खाद्य मंत्री ने कहा कि सरकार रंगराजन समिति की सिफारिशों को लेकर गंभीर है। चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने की दिशा में सरकार चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी। उद्योग जगत की ओर से चीनी पर आयात शुल्क बढ़ाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श चल रहा है और इस बारे में जल्द ही कोई फैसला किया जाएगा।

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इस मौके पर एनएफसीएसएफ के अध्यक्ष जयंतीलाल बी. पटेल ने चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इससे मिलों की क्षमता बढ़ेगी, जिसका फायदा किसानों और उपभोक्ताओं को भी पहुंचेगा। पटेल के अनुसार, इस साल करीब 245 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान है, जो घरेलू खपत से काफी ज्यादा है। देश में चीनी के बढ़ते उत्पादन के लिए उन्होंने सहकारी चीनी मिलों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
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इस साल चीनी उत्पादन 245 लाख टन पहुंचने के अनुमान पर खाद्य मंत्री ने संदेह जाहिर किया है। उनका कहना है कि अगर उत्पादन इस स्तर पर पहुंच सका तो यह उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों के लिए अच्छा होगा। इस मौके पर खाद्य मंत्री ने तकनीक और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में पहल करने वाली मिलों को सम्मानित भी किया।


एसडीएफ का 500 करोड़ सहकारी मिलों पर बकाया
चीनी विकास फंड (एसडीएफ) का करीब 500 करोड़ रुपया से ज्यादा सहकारी चीनी मिलों पर बकाया है। केवी थॉमस का कहना है कि सहकारी मिलों पर इतनी बड़ी राशि बकाया होना चिंता का विषय है। उन्होंने सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया है।

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