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अंबानी के खिलाफ मनी लांड्रिंग की शिकायत

Sat, 19 Jul 2014 01:11 PM IST
नई दिल्ली /सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली /सुजय मेहदूदिया Updated Sat, 19 Jul 2014 01:11 PM IST
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Prashant bhushan files complaints with SIT against Anil ambani on money laundring
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) के पास काले धन पर एक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में अनिल अंबानी समूह की कंपनियों द्वारा 75 करोड़ डॉलर की मनी लांड्रिंग का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की गई है।
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वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव और एसआईटी सदस्य सचिव, एमएल मीणा को लिखे पत्र में भूषण ने आरोप लगाया है कि मनी लांड्रिंग के सारे सबूत होने के बावजूद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले में कुछ नहीं कर रहा है। भूषण ने कहा है कि यह सर्वविदित तथ्य है कि सीबीआई ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में अनिल अंबानी की कंपनियों और रिलायंस के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
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 इन अधिकारियों पर स्वान नामक एक बेनामी कंपनी बनाने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक रिलायंस ने अपने इक्विटी शेयर और लगभग 1,000 करोड़ रुपये के प्रेफरेंस शेयर खरीदने के लिए पैसा स्थानांतरित कर स्वान का गठन किया। रिलायंस 2जी स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए आवेदन करने की पात्र नहीं थी।
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ऐसे में उसने स्वान का गठन किया। स्वान टेलीकॉम 2007 में शाहिद बलवा और विनोद गोयनका को स्थानांतरित कर दी गई। स्वान को जनवरी 2008 में टेलीकॉम लाइसेंस और 2जी स्पेक्ट्रम मिला। बलवा और गोयनका दोनों ने इसके बाद अपनी कंपनी डीबी रियल्टी से डीएमके अध्यक्ष के परिवार और उनके कलिंगर टीवी चैनल को 200 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए।

भूषण ने आरोप लगाया है कि सीबीआई ने अनिल अंबानी के खिलाफ इस तथ्य के बावजूद आरोप पत्र नहीं दाखिल किया कि अंबानी चेयरमैन और प्रबंध निदेशक थे और उन्हें स्वान को किए गए 1,000 करोड़ रुपये के स्थानांतरण की जानकारी थी। सीबीआई के आरोप पत्र के आधार पर ईडी ने आरोप पत्र में उल्लेख की गई कंपनियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 तहत मामला दर्ज किया था।

ईडी ने इस सूचना पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके मुताबिक मेसर्स एएए एंड संस एंटरप्राइजेज (अनिल अंबानी की कंपनी) ने दिसंबर ईएमआईटीएस सिंगापुर से 2007 में 75 करोड़ डॉलर प्राप्त किए थे। इस राशि को बाद में अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली दूसरी कंपनी को स्थानांतरित किया गया।

आप नेता का कहना है कि इस मामले में ईडी ने रिलायंस कंपनी और रिलायंस के अधिकारी हसित शुक्ला को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के तहत तकनीकी उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हसित शुक्ला, अनिल अंबानी के खास आदमी और 2जी मामले में गवाह हैं।


यह मनी लांड्रिंग और काले धन के ट्रांजेक्शन का स्पष्ट मामला है। इस अवधि के दौरान अनिल अंबानी समूह की कंपनियों के खाते की जांच की जानी चाहिए और इन खातों को अटैच किया जाना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि मेरा अनुरोध है कि इस मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए।
 
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