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डाकघरों में सोने के सिक्कों की बिक्री पर उठे सवाल
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 20 Nov 2013 03:28 PM IST
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कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से डाकघरों से सोने के सिक्कों पर बिक्री पर रोकने के लिए दखल देने की मांग की है।
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सीपीआई का कहना है कि यह वित्त सोने का आयात व बिक्री हतोत्साहित करने के निर्देशों के विपरीत है।
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प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में सीपीआई के महासचिव एस. सुधाकर रेड्डी ने कहा कि सोना खासकर सिक्कों के अत्यधिक आयात से देश का आयात बिल काफी बढ़ा है। रेड्डी ने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा सोने के सिक्कों और मेडेलियन के आयात पर प्रतिबंध लगाने वाले बयान का उल्लेख किया।
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उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय द्वारा यह प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सोने के सिक्कों की बिक्री के लिए आपूर्ति करने की निविदा जारी करना चौंकाने वाला है। यह वित्त मंत्रालय के निर्देशों के पूरी तरह विपरीत है।
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रेड्डी ने बताया कि 27 नवंबर 2013 को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी के अंतर्गत कार्यरत डाक विभाग ने सोने के सिक्कों के आयात के लिए निविदा जारी की है। यदि बैंकों द्वारा सोने के सिक्कों की बिक्री को सख्ती से हतोत्साहित किया जा रहा है, तो डाकघरों द्वारा सोने की बिक्री को प्रोत्साहित कैसे किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि डाक विभाग द्वारा सोने के सिक्कों का आयात और उसके लिए निविदा जारी करना सोने के सिक्कों की बढ़ते महत्व को एक बार फिर दर्शाता है।
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इस मामले में प्रधानमंत्री से दखल देने की मांग करते हुए रेड्डी ने कहा कि अर्थव्यवस्था पहले से ही भारी भरकम आयात बिल से जूझ रही है। ऐसे में सरकार सोने के सिक्कों की बिक्री को लेकर एक समान नियम क्यों नहीं बनाती है।