{"_id":"9b7e8b0e-4938-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"positive-business-environment-will-be-weak-says-industry","type":"story","status":"publish","title_hn":"सकारात्मक हो रहा कारोबारी माहौल होगा कमजोर: उद्योग ","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
सकारात्मक हो रहा कारोबारी माहौल होगा कमजोर: उद्योग
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Dec 2012 11:00 PM IST
विज्ञापन
उद्योग जगत ने रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में कटौती नहीं किए जाने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उद्योगों का कहना है कि ब्याज दरें नहीं घटने से सकारात्मक हो रहा कारोबारी परिदृश्य कमजोर होगा। उद्योग जगत लंबे समय से मांग कर रहा है कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कमी लाए।
विज्ञापन
उद्योग संगठन सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि ब्याज दरों में कमी नहीं करने का आरबीआई का कदम हताशा पैदा करता है। ऐसी स्थिति में जब सरकार ने आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया शुरू कर दी हो, तो आरबीआई को भी उद्योगों को कुछ राहत देनी चाहिए।
विज्ञापन
फिक्की की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा कि नीतिगत दरों में बदलाव नहीं करना निराशाजनक है। हाल में महंगाई दर में कमी आई है और आर्थिक विकास को तरजीह दी जा सकती है। कर्ज की लागत अधिक होने के कारण नवंबर 2012 इसका उठाव मात्र 15.2 फीसदी रह गया है जबकि मौजूदा वित्तीय वर्ष की शुरू में यह 20 फीसदी था। सरकार ने आर्थिक सुधार शुरू किए हैं और आरबीआई को इसके अनुरूप कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा है कि नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखना सख्त और हताशाजनक कदम है। आरबीआई के इस कदम से कारोबारी माहौल खराब होगा और निवेश प्रक्रिया धीमी होगी। इससे आर्थिक वृद्धि दर पर असर पडे़गा और औद्योगिक रफ्तार घटेगी।