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पोस्को ने ओडिशा सेज परियोजना के लिए मांगा समय
भुवनेश्वर/एजेंसी
Updated Wed, 24 Oct 2012 06:46 PM IST
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दक्षिण कोरिया की दिग्गज इस्पात कंपनी पोस्को ने ओडिशा के जगतसिंहपुर में प्रस्तावित विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के निर्माण के लिए सरकार की ओर से निर्धारित की गई समय सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया है। कंपनी ने इसके लिए केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के पास लिखित अनुरोध भेजा है।
कंपनी की भारतीय इकाई पोस्को इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक योंग वोन यून ने मंत्रालय से कहा है कि उनकी कंपनी ने सेज के लिए जरूरत भर की कम से कम भूमि का अधिग्रहण करने की दिशा में काफी काम कर लिया है और वह सेज के निर्माण के लिए नियामक अनुमति के लिए एक साल के अंदर आवेदन कर देगी।
कंपनी को सेज स्थापित करने के लिए दी गई समय सीमा 25 अक्तूबर को समाप्त हो रही है। कंपनी के लिए इसके पहले वर्ष 2010 और 2011 में भी सेज स्थापित करने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। कंपनी ने कहा है कि 1,620.48 एकड़ क्षेत्र में बनाए जाने वाले इस विशेष आर्थिक क्षेत्र में 53 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश आकर्षित होगा, जो कि देश में अबतक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा। इससे बंदगाह, बिजली संयंत्र, सड़कें, रेल लाइन और आवासीय परिसर जैसे आधारभूत ढांचे का बडे़ पैमाने पर विकास होगा।
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विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए कंपनी को जिन परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है वैसी ही स्थिति उसके प्रस्तावित इस्पात संयंत्र के लिए भी पहले आ चुकी है। पारादीप के समीप प्रस्तावित एक करोड़ 20 लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला यह संयंत्र कभी पर्यावरण मानकों संबंधी आपत्तियों और कभी स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण अब तक तैयार नहीं हो पाया है। कंपनी ने यह संयंत्र लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ जो करार किया था, उसकी समय सीमा 2010 में खत्म हो चुकी है। इसके लिए भी कंपनी को दोबारा आवेदन करना पड़ा है, जिसपर विचार किया जा रहा है।
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कंपनी की भारतीय इकाई पोस्को इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक योंग वोन यून ने मंत्रालय से कहा है कि उनकी कंपनी ने सेज के लिए जरूरत भर की कम से कम भूमि का अधिग्रहण करने की दिशा में काफी काम कर लिया है और वह सेज के निर्माण के लिए नियामक अनुमति के लिए एक साल के अंदर आवेदन कर देगी।
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कंपनी को सेज स्थापित करने के लिए दी गई समय सीमा 25 अक्तूबर को समाप्त हो रही है। कंपनी के लिए इसके पहले वर्ष 2010 और 2011 में भी सेज स्थापित करने के लिए दी गई समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। कंपनी ने कहा है कि 1,620.48 एकड़ क्षेत्र में बनाए जाने वाले इस विशेष आर्थिक क्षेत्र में 53 हजार करोड़ रुपये का विदेशी निवेश आकर्षित होगा, जो कि देश में अबतक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) होगा। इससे बंदगाह, बिजली संयंत्र, सड़कें, रेल लाइन और आवासीय परिसर जैसे आधारभूत ढांचे का बडे़ पैमाने पर विकास होगा।
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विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए कंपनी को जिन परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है वैसी ही स्थिति उसके प्रस्तावित इस्पात संयंत्र के लिए भी पहले आ चुकी है। पारादीप के समीप प्रस्तावित एक करोड़ 20 लाख टन सालाना उत्पादन क्षमता वाला यह संयंत्र कभी पर्यावरण मानकों संबंधी आपत्तियों और कभी स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण अब तक तैयार नहीं हो पाया है। कंपनी ने यह संयंत्र लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ जो करार किया था, उसकी समय सीमा 2010 में खत्म हो चुकी है। इसके लिए भी कंपनी को दोबारा आवेदन करना पड़ा है, जिसपर विचार किया जा रहा है।