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खराब गुणवत्ता से बढ़ी लेदर इंडस्ट्री की मुश्किलें

Fri, 26 Oct 2012 07:07 PM IST
आगरा/एजेंसी
आगरा/एजेंसी Updated Fri, 26 Oct 2012 07:07 PM IST
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poor quality leather industry grew difficulties

चमड़े की खराब गुणवत्ता घरेलू लेदर और शू इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रही है। इंडस्ट्री की साख पर पड़ रहे असर के चलते 2013-14 तक 9 अरब डॉलर के निर्यात को हासिल कर पाना काफी चुनौतीपूर्ण लग रहा है।

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आगरा फुटवेयर मैन्यूफैक्चरर्स एवं एक्सपोटर्स चैंबर के प्रेसिडेंट पूरन दवार ने बताया कि चालू वित्तवर्ष में निर्यात लक्ष्य 4.86 अरब डॉलर रखा गया है। बांग्लादेश को खाल के निर्यात के कारण शू इंडस्ट्री के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले चमड़े की भारी कमी हो गई है।
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निर्यात पर पाबंदी के बावजूद अनफिनिस्ड लेदर का निर्यात चोरी छिपे किया जा रहा है। पिछले 15 वर्षों के दौरान भारतीय जानवरों के खाल की गुणवत्ता खराब हुई है। 15 साल पहले 100 में से 20 खाल की गुणवत्ता काफी अच्छी होती थी, आज यह आंकड़ा महज 5 का है। ऐसे में 2013-14 तक 9 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल कर पाना काफी चुनौतीपूर्ण लग रहा है।
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आगामी 2-4 नवंबर तक चलने वाले छठे लेदर, फुटवेयर और कंपोनेंट फेयर के बारे में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दवार ने कहा कि चालू वित्तवर्ष की पहली छमाही के दौरान निर्यात में 5.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में इंडस्ट्री को अब अपना विस्तार अमेरिका और जापान जैसे नए बाजारों में करने की जरूरत है। लेकिन इन बाजारों के लिए गुणवत्ता के मानकों को सुनिश्चित करना होगा।


फेयर के बारे में उन्होंने बताया कि इसमें इटली, चीन, हांगकांग, जर्मनी और ब्राजील की नई तकनीक प्रदर्शित की जाएगी, जो हमारे लिए मील का पत्थर साबित होगा। फेयर में कानपुर, चेन्नई, कोलकाता के घरेलू चमड़ा कारोबारियों के साथ ब्राजील, चीन और पाकिस्तान की कंपनियां अपने उत्पाद, कंपोनेंट और एसेसरीज आदि का प्रदर्शन करेंगी।

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