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सियासी संकट में फंस सकते हैं आर्थिक सुधार

Wed, 20 Mar 2013 10:56 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 20 Mar 2013 10:56 PM IST
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political crisis may be affected financial reforms

डीएमके का समर्थन हटने के बाद सियासी उलझनों में फंसी यूपीए सरकार के लिए आर्थिक सुधारों की राह मुश्किल हो गई है। हालांकि, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने दावा किया है कि सरकार को बहुमत हासिल है और आर्थिक सुधारों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

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सियासी हलचलों के बीच सरकार ने खाद्य सुरक्षा विधेयक और सेल के विनिवेश जैसे बड़े फैसले लेकर अपनी मजबूती का संकेत दिया है। लेकिन संसद में अटके 100 से ज्यादा विधेयकों का भविष्य अभी भी सियासी नापतौल पर टिक हुआ है।
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गत सितंबर में एफडीआई की छूट बढ़ाने जैसे कड़े फैसले लेकर आर्थिक सुधारों की रफ्तार बढ़ाने वाले वित्त मंत्री के सामने आर्थिक सुधारों को जारी रखने की चुनौती बढ़ गई है। एक जनवरी से देश के 51 जिलों में नकद भुगतान की योजना पहले ही कच्ची तैयारियों की भेंट चढ़ चुकी है। जबकि कंपनी, बीमा, बैंक और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई विधेयकों पर सहयोगी दलों के साथ आम सहमति बनाने की चुनौती खड़ी है।
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वित्त मंत्री का कहना है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाएगी। वह जल्द ही विदेशी निवेशकों को भारत में निवेश के प्रति जागरुक करने के लिए कई देशों की यात्रा पर जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार वित्त वर्ष 2013-14 में राजकोषीय घाटा मौजूदा 5.2 फीसदी से घटाकर 4.8 फीसदी करने की प्रतिबद्धता पर कायम है। उन्होंने भरोसा जताया कि खाद्य सुरक्षा कानून को संसद में पारित करने कराने के लिए सरकार के पास पूरा बहुमत है।

आर्थिक मामलों से जुड़े 28 विधेयक लंबित
सरकार के सामने संसद में लंबित पड़े 113 विधेयकों पर सहयोगी दलों के साथ सहमति बनाने की बड़ी चुनौती है। इनमें से 28 विधेयक वित्त और आर्थिक मामलों जैसे बैंक, बीमा, पेंशन, कंपनी कानून से संबंधित हैं। इसके अलावा जीएसटी और डीटीसी जैसे मामले भी हैं, जिन पर लंबे समय से सहमति नहीं बन पाई है।

खाद्य सुरक्षा विधेयक में सरकार को सहयोगी दलों के अलावा कांग्रेस के भीतर भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जबकि चीनी को नियंत्रण मुक्त करने का मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है।

समय से हो रही है कर वापसी: चिदंबरम
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि मौजूदा वित्त वर्ष में कर वापसी समय से हो रही है और आयकर विभाग बचे मामलों को निपटाने के लिए तेजी से काम कर रहा है। आयकर कानून में संशोधन के संबंध में चिदंबरम ने यहां कहा कि सरकार वोडाफोन कर मामले को सुलझा रही है और इसके समापन के बाद संशोधन विधेयक को संसद में पेश किया जाएगा।


एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आय के अनुरूप कर नहीं जमा करने वाले लोगों को 35 हजार नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में फरवरी तक 69 हजार लोगों को कर वापसी की जा चुकी है जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 84 हजार लोगों को कर वापसी की गई थी।

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