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सीएनजी के बाद अब पीएनजी भी महंगी

नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sun, 10 Feb 2013 11:55 PM IST
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एनसीआर में एलपीजी सिलेंडर की राशनिंग के बाद अब पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। राजधानी में दो माह के दौरान 30 स्टैंडर्ड क्वूबिक मीटर (एससीएम) यूनिट तक गैस खपत करने वाले उपभोक्ता को प्रति यूनिट 23.50 रुपये और उससे अधिक खर्च करने वाले को 35.50 रुपये प्रति यूनिट चुकाने होंगे। अभी तक ये दरें क्रमश: 22 और 34 रुपये थीं। इससे पहले दरें सितंबर, 2011 में बढ़ाई गई थीं। नई दरें रविवार से लागू कर दी गई हैं।
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दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में पीएनजी के पौने चार लाख उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा। आईजीएल प्रवक्ता के अनुसार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में ये दरें 30 यूनिट तक 25 रुपये और 30 यूनिट से अधिक खर्च पर 38 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई हैं। अभी तक दरें क्रमश: 23.50 रुपये और 34 रुपये प्रति यूनिट थीं।


इस तरह से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के जो उपभोक्ता 60 दिन में 30 एससीएम से अधिक गैस की खपत करते हैं, उनके लिए दरें ज्यादा बढ़ाई गई हैं। दो माह में 30 एससीएम से अधिक खपत करने वालों को अब प्रति एससीएम 4 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। वहीं दिल्ली में यह राशि दोनों ही मामलों में समान रूप से डेढ़ रुपये प्रति एससीएम ही बढ़ाए गए हैं।

आईजीएल के अनुसार, एनसीआर में सितंबर, 2011 से जनवरी, 2013 तक एक लाख उपभोक्ता बढ़े हैं। इस वजह से गैस की मांग भी बढ़ी है, लिहाजा खुले बाजार से आरएलएनजी खरीदनी पड़ रही है, जो कि घरेलू सप्लाई के लिए खरीदी जानी वाली कंट्रोल रेट पीएनजी से तीन गुना महंगी है। इतना ही नहीं, जब सितंबर, 2011 में दरें बढ़ाई गई थीं, उसके बाद से डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है। रुपये की कमजोरी के कारण डॉलर के हिसाब से खरीदी जाने वाली आर-एनएनजी महंगी पड़ रही है।

गौरतलब है कि सितंबर, 2011 में आईजीएल ने कीमतों में 79 फीसदी तक वृद्धि की थी। नई दरों में आईजीएल ने ऐसा फार्मूला लगाया था जिसमें 31-45 एससीएम खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 79 फीसदी तक अधिक चुकाना पड़ रहा है क्योंकि खपत स्लैब पूर्व में दो महीने के दौरान 45 एससीएम का था, जिसे घटाकर 30 एससीएम किया गया था। अब नई दरों में फिर से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के ऐसे उपभोक्ताओं अधिक बोझ बढ़ाया गया है, जो औसत मासिक खर्च 15 एससीएम से ज्यादा करते हैं।

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