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रक्षा क्षेत्र में FDI को मिली हरी झंडी

Thu, 03 Jul 2014 10:52 AM IST
Updated Thu, 03 Jul 2014 10:52 AM IST
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pmo give green signal to 51% fdi in defence sector

पीएमओ ने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय को रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 26 फीसदी से बढ़ाकर 51 फीसदी करने संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में पेश करने की अनुमति दे दी है।

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पीएमओ के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को लुभाने, कड़े सुधारों के प्रति नरेंद्र मोदी सरकार के प्रतिबद्ध होने और देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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हालांकि रक्षा मंत्रालय, फिक्की और सीआईआई इस क्षेत्र में 49 फीसदी से अधिक एफडीआई के पक्ष में नहीं हैं। इसके साथ ही पीएमओ ने रेलवे, ई-कॉमर्स और विनिर्माण में एफडीआई नियमों में ढील देने की भी अनुमति दी है।
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इन क्षेत्रों में भी एफडीआई की सीमा बढ़ाने को लेकर विरोध होता रहा है। दिग्गज ऑनलाइन खुदरा कारोबार करने वाली कंपनी अमेजन ने ई-कॉमर्स क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के लिए हाल में सरकार से बातचीत की है।

रक्षा क्षेत्र में 74 फीसदी एफडीआई की थी मांग

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औद्योगिक प्रोत्साहन और नीति विभाग (डीआईपीपी) ने रक्षा क्षेत्र में 74 फीसदी एफडीआई की वकालत की है। उसका कहना है कि ऐसा करने से कंपनियां ठीक तरीके से प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण कर पाएंगी।

डीआईपीपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमें रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है। हम 74 फीसदी एफडीआई का प्रस्ताव देंगे और 51 फीसदी से कम पर तैयार नहीं होंगे, जिससे कि प्रतिष्ठित कंपनियां देश में आएं और बड़ा निवेश करें।

यूपीए सरकार में एफडीआई लागू करने का हुआ था विरोध

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इससे पहले वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर वित्त और रक्षा मंत्रालय से राय मांगी थी। उन्होंने डीआईपीपी के प्रस्ताव के साथ दोनों मंत्रालयों की राय पीएमओ को भेज दिया था।

अब पीएमओ ने न केवल रक्षा बल्कि रेलवे और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार की दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति दे दी है। पीएमओ एफडीआई की सीमा और विदेश संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के लिए नियमों के मामले में एक समेकित नीति चाहता है।

यूपीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी ने इस क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 फीसदी से अधिक करने का विरोध किया था। डीआईपीपी के मुताबिक पिछले 14 सालों में रक्षा क्षेत्र में केवल 49.4 लाख डॉलर का एफडीआई आया है।

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