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रेल परियोजनाओं की सुस्ती पर PMO सख्त

Sat, 13 Dec 2014 09:08 AM IST
नई दिल्ली/सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली/सुजय मेहदूदिया Updated Sat, 13 Dec 2014 09:08 AM IST
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PMO cracks the whip to expedite pending railways lines

ठेके और मंजूरियों संबंधी बाधाओं के चलते रेलवे की तीन अहम परियोजनाओं के अटकने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबंधित मंत्रालयों से नाराजगी जताई है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से मंत्रालयों को 31 दिसंबर तक इन परियोजनाओं से जुड़ी सभी मंजूरियां प्रदान करने और बाधाओं को दूर करने की चेतावनी दी गई है। अटकी पड़ी यह तीन परियोजनाएं झारसुगुड़ा-बारपल्ली, टोरी-शिवपुर और भूपदेवपुर-कोरीचापार रेलवे लाइनों की हैं। पीएमओ ने इन परियोजनाओं का काम तेजी से आगे न बढ़ाने पर मंत्रालयों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

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इन तीनों रेल लाइन परियोजनाओं की सुस्त चाल पर पीएमओ द्वारा प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र के मार्फत संबंधित मंत्रालयों को कड़ी चेतावनी दी गई है। नृपेंद्र मिश्र इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने को लेकर कैबिनेट सचिव अजीत सेठ, गृह सचिव अनिल गोस्वामी, कोयला सचिव अनिल स्वरूप और बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ व झारखंड के मुख्य सचिवों के साथ बैठक भी कर चुके हैं।
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बैठक में पीएमओ की ओर से इन परियोजनाओं के कामकाज की समीक्षा करते हुए इनकी धीमी रफ्तार पर अप्रसन्नता जताई गई। बैठक में संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि इन परियोजनाओं को तयशुदा समय सीमा के मुताबिक पूरा करने की दिशा में तत्परता के साथ काम करें, अन्यथा कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
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बैठक में भूपदेवपुर-कोरीचापार रेल लाइन के काम पर चर्चा करते हुए मिश्र ने रेलवे और कोयला मंत्रालय से 21 दिसंबर तक इस परियोजना के लिए एक सीईओ व चेयरमैन नियुक्त करने को कहा। पीएमओ ने कोयला मंत्रालय से कहा है कि विशेष रूप से गठित निकाय (स्पेशल पर्पज व्हीकल) के जरिये संचालित इस परियोजना के लिए सभी जरूरी प्रशासनिक और वित्तीय इंतजाम अविलंब किए जाएं।

इसके अलावा रेल मंत्रालय से इस परियोजना के लिए दी जाने वाली रियायतों संबंधी करार को 31 दिसंबर तक हर हाल में अंतिम रूप देने को कहा गया है, ताकि रेल लाइन बिछाने के काम में तेजी लाई जा सके। गौरतलब है कि भूपदेवपुर-कोरीचापार रेल लाइन एसईसीएल की रायगढ़-मांड कोयला खान से सालाना करीब 6 करोड़ टन कोयले की ढुलाई के उद्देश्य से बिछाई जा रही है।

बैठक में नृपेंद्र मिश्र ने सभी संबंधित मंत्रियों और राज्य सरकारों को इन रेल लाइनों को बिछाने के लिए आवश्यक मंजूरियां देने और भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से निपटाने को कहा। मिश्र ने भूपदेवपुर-कोरीचापार रेल लाइन के लिए संबंधित राज्य सरकारों से 505 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण करने करने को कहा।

परियोजना के लिए शेष जमीन की उपलब्धता के लिए रेलवे को राज्य सरकार से संपर्क कर काम आगे बढ़ाने को कहा गया। इसके अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से भी इस परियोजना के लिए मंजूरी देने का काम तेजी से करने को कहा गया है। रेलवे से इस साल के अंत तक परियोजना के लिए आरईसी का गठन करने को कहा गया है।

बैठक में झारसुगुड़ा-बारापल्ली-सरडेगा लाइन और टूरी-शिवपुर-कथौटिया रेलवे लाइन के काम में आड़े आ रही जमीन की समस्या पर भी चर्चा हुई। पीएमओ ने रेलवे से इस परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की विशेष रेलवे परियोजना के तौर पर लेते हुए इसके लिए रेलवे अधिनियम के तहत निजी भूमि का अधिग्रहण करने को कहा है।


झारसुगुड़ा-बारापल्ली-सरडेगा लाइन के काम में तेजी लाने के लिए ओडिशा सरकार से लाइन के रास्ते में आ रहे पेड़ों को काटने और बिजली की हाई टेंशन लाइन को हटाने का काम 15 दिसंबर तक पूरा करने को कहा गया है। रेलवे से भी राज्य सरकार को तयशुदा समय सीमा के भीतर क्षतिपूर्ति की रकम देने को कहा गया है।

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