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सर्विस टैक्स नहीं दिया है तो सावधान हो जाइए
ब्यूरो/अमर उजाला,दिल्ली
Updated Thu, 30 Jan 2014 12:47 PM IST
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करदाताओं को राहत देने के लिए चलाई गई सर्विस टैक्स वीसीईएस डिफाल्टरों के लिए मुसीबत बन सकती है।
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वीसीईएस के जरिए मिली जानकारियों के आधार पर सेवा कर विभाग को बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का पता चला है। इस डेटाबेस के आधार पर डिफाल्टरों की पड़ताल की जा रही है और जल्द कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। निशाने पर खासतौर पर रीयल एस्टेट, इवेंट मैनेजमेंट और शिक्षण संस्थान हैं।
हाल ही में दिल्ली के सेवा कर आयुक्तालय ने गुड़गांव की नामी रीयल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के एमडी को करीब 7 करोड़ रुपये के सेवा कर डिफाल्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला वीसीईएस के जरिए ही पकड़ में आया है।
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विभाग से अधिकारियों ने बताया कि पहले इस कंपनी ने खुद ही वीसीईएस के तहत आवेदन किया था, लेकिन अंतिम तिथि तक बकाया टैक्स की 50 फीसदी राशि जमा नहीं की गई। जिसके बाद कंपनी के एमडी को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले दिल्ली के नामी आईटी कंपनी के संचालक को भी इसी तरह के मामले में जेल भेजा जा चुका है।
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सेवा कर विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि 31 दिसंबर को खत्म हुई वीसीईएस के तहत डिफाल्टरों से जुड़ी जानकारियां सामने आई हैं। कई कंपनियों ने आवेदन करने के बावजूद टैक्स नहीं भरा है, जबकि कई कंपनियों ने ग्राहकों से सर्विस टैक्स वसूल कर अपने पास रखा हुआ है। वीसीईएस डेटाबेस के जरिए ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इन मामलों में जल्द बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती है।
इस समय देश में करीब 17 लाख सेवा करदाता हैं, जिनमें से सिर्फ 7 लाख ही सेवा कर देते हैं। डिफाल्टरों की बड़ी तादाद के चलते ही वीसीईएस के जरिए 7,700 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ है।