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तेज आर्थिक सुधार से बढ़ेगा बीमा का बाजार

Thu, 11 Sep 2014 08:05 PM IST
नई दिल्ली/ ब्यूरो
नई दिल्ली/ ब्यूरो Updated Thu, 11 Sep 2014 08:05 PM IST
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Pickup in economic recovery to aid growth of Insurance Industry: ICRA

देश की अर्थव्यवस्था में रिकवरी तेज होना जहां सरकार के लिए राहत की बात है, वहीं उद्योग और कारोबार जगत के लिए भी इससे सकारात्मक माहौल बन रहा है। खासकर बीमा क्षेत्र को अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने से काफी फायदा मिल रहा है। यह बात रेटिंग एजेंसी इक्रा की एक रिपोर्ट में सामने आई है।

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इक्रा ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष (2014-15) में बीमा कंपनियों की नई पॉलिसियों के भुगतान (न्यू प्रीमियम) में होने वाली आय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है। यह पिछले वित्त वर्ष (2013-14) की तुलना में 3 फीसदी अधिक है।
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एजेंसी ने इसके अगले साल यानी वित्त वर्ष 2015-16 में भी बीमा सेक्टर में तेजी कायम रहने का आकलन पेश करते हुए न्यू प्रीमियम आय में 12 से 14 फीसदी की वृद्धि की संभावना व्यक्त की है। रिपोर्ट के मुताबिक जनरल इंश्योरेंस के प्रीमियम में वित्त वर्ष 2014-15 में 12 से 14 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई गई है। पिछले वित्त वर्ष में इसमें 13 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी। रिपोर्ट में वित्त 2015-16 में बीमा प्रीमियम की आय में बढ़ोतरी और तेज होने की उम्मीद जताई गई है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 26 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी किए जाने का फैसला बीमा उत्पादों की पहुंच का दायरा बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा। इससे बीमा कंपनियों को नई पूंजी मिलने से कारोबार का तेजी से विस्तार करने में सहायता मिलेगी। एफडीआई की सीमा बढ़ने से अगले पांच वर्षों जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को 75 से 175 अरब रुपये की पूंजी मिलने की उम्मीद इक्रा ने जताई है।

निजी क्षेत्र की कंपनियों को इस क्षेत्र में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए पांच वर्षों में 45 से 80 अरब रुपये की पूंजी की जरूरत पड़ेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवन बीमा कंपनियों को आगामी वर्षों में पूंजी की जरूरत अपेक्षाकृत काफी कम रहेगी, क्योंकि ज्यादातर लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का मौजूदा पूंजीगत आधार नियामकीय मानदंडों के अनुरूप है।


इक्रा ने हाल के वर्षों में बीमा क्षेत्र की तस्वीर पेश करते हुए कहा है कि हालिया वर्षों में बीमा कंपनियों को चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दिनों बीमा क्षेत्र के नियमों में हुए नियामकीय बदलावों के चलते बीमा कंपनियों के लिए कारोबार का महौल चुनौती भरा बना रहा। ऐसे में पिछले दो वर्षों में कंपनियों की नए प्रीमियम की आय में सुस्ती देखने को मिली। हालांकि इसके बावजूद वित्त वर्ष 2013-14 में बीमा सेक्टर का न्यू प्रीमियम बिजनेस 1.20 लाख करोड़ रुपये का करा और पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में इसमें 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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