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'पिकअप ट्रक रोक सकता है फल-सब्जियों की बर्बादी'

Sun, 31 Aug 2014 11:17 PM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/ नई दिल्ली
प्रशांत श्रीवास्तव/ नई दिल्ली Updated Sun, 31 Aug 2014 11:17 PM IST
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Pick-up truck can put down on wastage of fruits and vegetables

भारत जैसे देश में जहां खाद्य पदार्थों का करीब 40 फीसदी हिस्सा ट्रांसपोर्टेशन सुविधा बेहतर न होने से बर्बाद हो जाता है। वहां पिकअप जैसे छोटे ट्रक इस बर्बादी पर लगाम लगा सकते हैं। थाईलैंड और चीन इस बात के सबसे अच्छे उदाहरण हैं। यह कहना है इसुजू मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर शिगेरू वाकाबेयासी का। इसुजू की भारत को लेकर क्या योजनाएं हैं, इस पर वाकाबेयासी ने अमर उजाला के संवाददाता प्रशांत श्रीवास्तव से बातचीत की है। पेश हैं इसके प्रमुख अंश-

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पिकअप ट्रक का बाजार भारत में अभी बहुत छोटा है। ऐसे में इसुजू भारत में क्या संभावना देख रही है?
भारतीय बाजार इस समय साल 2000 में चीन के बाजार के समान है। उस समय चीन की जीडीपी आज के भारत की जैसी थी। उसके बाद जिस तरह से चीन की अर्थव्यवस्था बढ़ी है, वैसी ही संभावना भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर है। चीन की अर्थव्यवस्था में इस समय पिकअप की अहम हिस्सेदारी है, वैसी ही संभावना हम भारतीय बाजार को लेकर देख रहे हैं। साल 2011 में कुल कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री में पिकअप की हिस्सेदारी 14 फीसदी थी, जो 2015-16 में 43 फीसदी पहुंच जाएगी। हमारा मानना है कि 2023 तक भारत में 8 लाख पिकअप प्रतिवर्ष बिकेंगे।
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भारतीय अर्थव्यवस्था में पिकअप की क्या भूमिका हो सकती है, जैसा आपने चीन के बारे में कहा है?
भारत में फल-सब्जियों का करीब 40 फीसदी हिस्सा इसलिए बर्बाद हो जाता है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन सुविधा बहुत बेहतर नहीं है। नुकसान को कम करने में पिकअप ट्रक की अहम भूमिका हो सकती है। भारत में छोटे किसानों को संख्या को देखते हुए कम मात्रा में भी फल-सब्जियों का ट्रांसपोर्टेशन बड़े आसानी से एक शहर से दूसरे शहरों में कम समय में पिकअप के जरिए किया जा सकता है। इसका सफल उपयोग थाईलैंड और चीन में हो रहा है। भारत में पिकअप की बढ़ती मांग भी इसका संकेत है।
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कंपनी की भारत को लेकर क्या योजनाएं हैं?
इसुजू आंध्रप्रदेश में एक प्लांट लगा रही है, जिसके 2016 से उत्पादन करने की उम्मीद है। कंपनी इस प्लांट पर कुल 3,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इसके अलावा, बाजार में पकड़ बनाने के लिए कंपनी तेजी से अपने डीलर नेटवर्क का भी विस्तार करने की तैयारी में है। इसुजू के लिए उत्तर भारत का बाजार सबसे अहम है। जिसे देखते हुए आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात आदि राज्यों में नेटवर्क बढ़ाया जाएगा।


ग्रामीण क्षेत्र आपके लिए अहम बाजार होगा, ऐसे में वहां पहुंचने की क्या योजनाएं हैं। ग्राहकों को कैसे प्रेरित करेंगे?
इसुजू के पिकअप शहरी जरूरतों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के लिए खास तौर से आरामदेह और स्टाइलिश हैं। जैसा कि मैंने आपसे पहले भी कहा है कि खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने में पिकअप काफी मददगार हो सकते हैं। जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। कंपनी नेटवर्क विस्तार में खास तौर से छोटे शहरों पर फोकस कर रही है जिससे कि इन क्षेत्रों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचा जा सके।

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