पेट्रोल हुआ फिर से सस्ता, महंगाई से मिली थोड़ी राहत
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने और डालर के मुकाबले रुपए में मजबूती के कारण पेट्रोल की कीमतों में यह कमी की गई है।
सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की संशोधित दरें आज घोषित की हैं। पेट्रोल की कीमतों में 75 पैसे की कमी की गई है।
तेल की कीमतें बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव आयुक्त एचएस ब्रह्मा ने स्पष्ट कर दिया था कि सरकार डीजल की कीमतें तय प्रक्रिया के अनुसार बढ़ाए।
चुनाव आयोग की इजाजत की जरूरत नहीं
पेट्रोल के दाम घटाने की संभावना पर चुनाव आयोग ने पहले ही साफ कर दिया था कि जून 2010 से जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, तेल कंपनियां उसका अनुसरण कर सकती हैं। इसके लिए उन पर किसी तरह की रोक नहीं है।
चुनाव आयोग ने कहा था कि दरें बढ़ाने या घटाने के लिए तेल कंपनियों को आयोग की इजाजत लेने की आवश्यकता नहीं है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछली बार एक मार्च को संशोधित की गई थीं। पेट्रोल के दाम 60 पैसे प्रति लीटर जबकि डीजल के पचास पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए थे।