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तैयार रहें, फिर बढ़ेंगे पेट्रोल के दाम
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2013 12:40 AM IST
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डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी एक दफा फिर से पेट्रोल की आग भड़काने को तैयार है।
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कच्चे तेल के महंगे आयात से परेशान तेल कंपनियां पेट्रोल के दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं। अगले हफ्ते पेट्रोल की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो सकता है।
दरअसल पिछले 10 दिनों में एक डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 59 रुपये से अधिक रही है। वहीं प्रति बैरल क्रूड की कीमत भी इस दौरान औसतन 102 डॉलर से अधिक आंकी गई है।
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जानकारों के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक एक्सचेंज दर में गिरावट की संभावना नहीं है। यही वजह है कि पेट्रोल के दाम बढ़ने की आशंका मजबूत होती जा रही है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अगर रुपये में गिरावट का सिलसिला इस हफ्ते भी जारी रहता है तो कीमत बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा। इस संदर्भ में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
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दूसरी ओर डीजल, रसोई गैस की बिक्री पर भी तेल कंपनियों की अंडर रिकवरी काफी ज्यादा है, जो सरकार के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है।
तेल कंपनियां इनकी कीमतों में इजाफे के पक्ष में है। लेकिन चुनावी साल नजदीक होने के कारण सरकार इनकी कीमतों में वृद्धि करने से डर रही है।
पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने साफ कहा है कि डीजल के दाम में फिलहाल कोई बड़ा इजाफा नहीं किया जाएगा। तेल कंपनियां डीजल के दाम में अधिकतम 50 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि करने के लिए स्वतंत्र हैं।
हालांकि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1 जुलाई को डीजल बिक्री पर तेल कंपनियों की अंडर रिकवरी 8.60 रुपये प्रति लीटर थी। जो कि अब बढ़कर नौ रुपये के करीब हो गई है। जबकि रसोई गैस बिक्री पर अंडर रिकवरी 375 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई है।
इससे मंत्रालय पर कीमतों में इजाफा या अंडर रिकवरी करने का दबाव बना हुआ है। तेल कंपनियों का कहना है कि सरकार अगर इन उत्पादों के दाम बढ़ाने का फैसला नहीं लेती है तो चालू वित्त वर्ष में तेल उद्योग की कुल अंडर रिकवरी 1.62 लाख करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा होगी।