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दो रुपए प्रति लीटर सस्ता हुआ पेट्रोल
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Fri, 15 Mar 2013 08:58 PM IST
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पेट्रोल के दाम में पिछले एक माह के दौरान करीब तीन रुपए प्रति लीटर का इजाफा कर चुकी तेल कंपनियों ने आखिरकार कीमतों में कटौती का निर्णय ले लिया है। शुक्रवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम दो रुपए प्रति लीटर कम करने का ऐलान किया। नई दरें शुक्रवार आधी रात से लागू होंगी। कंपनियों ने साफ किया है कि नई दर में स्थानीय कर या वैट शामिल नहीं है।
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ईंधन दर में संशोधन के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 2 रुपए 40 पैसा प्रति लीटर कम हो गई है। यानी राजधानी में एक लीटर पेट्रोल के लिए 70 रुपए 74 पैसा प्रति लीटर की जगह 68 रुपए 34 पैसा प्रति लीटर का भुगतान करना होगा।
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उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2 मार्च को पेट्रोल के दाम 1 रुपए 40 पैसा प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। जबकि 16 फरवरी को पेट्रोल 1 रुपए 50 पैसा प्रति लीटर महंगा हुआ था।
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हालांकि तमाम आशंकाओं को दरकीनार करते हुए कंपनियों ने डीजलों की कीमतों में कटौती का निर्णय अभी नहीं लिया है। सूत्रों की माने तो संसद का बजट सत्र चालू होने के कारण डीजल के दाम अभी नहीं बढ़ाए गए है।
तेल कंपनियां माह अंत तक डीजल के दाम में आंशिक वृद्धि का फैसला ले सकती है। मालूम हो कि तेल कंपनियों को प्रत्येक माह डीजल कीमत 50 पैसा तक बढ़ाने की आजादी पहले ही सरकार से मिल चुकी है।
इंडियन ऑयल का कहना है कि पिछले एक पखवाड़े में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 112.73 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 107.41 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुकी है। इस कारण पेट्रोल की अंतरराष्ट्रीय कीमत भी घटी है। इसी के मद्देनजर कंपनियों ने अपने ग्राहकों को लाभ पहुंचाने का निर्णय लिया है।
हालांकि कंपनी ने यह भी बताया है कि चालू वित्त वर्ष में कंपनी को पेट्रोल बिक्री पर 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जबकि तीनों सरकारी कंपनियों को पेट्रोल बेचने पर सामुहिक रुप से 1130 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
इसके अलावा डीजल बिक्री पर तेल कंपनियों को 8 रुपए 64 पैसा प्रति लीटर, किरोसिन पर 33 रुपए 43 पैसा प्रति लीटर और घरेलू एलपीजी गैस की बिक्री पर 439 रुपए प्रति सिलेंडर का नुकसान हो रहा है।
कंपनियों की माने तो बाजार मूल्य से कम कीमत पर पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से उन्हें चालू वित्त वर्ष में 1,63,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है।
इंडियन ऑयल ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों और एक्सचेंज दर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी के मद्देनजर भविष्य में कीमतें संशोधित की जाएंगी।