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पेट्रोल-डीजल हो सकता है सस्ता, जानिए कितना?

Fri, 28 Nov 2014 04:30 PM IST
Updated Fri, 28 Nov 2014 04:30 PM IST
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Petrol and Diesel Prices Will Go Down Next Week

अगले सप्ताह डीजल और पेट्रोल के प्रति लीटर दाम में एक से दो रूपये की कमी हो सकती है। दाम में कमी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में कमी होना है।

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इस पखवाड़े इंडियन बास्केट क्रूड की कीमत 74 से 80 डालर के बीच रही है। इस समय घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के जो खुदरा मूल्य है, वह अक्टूबर के इंडियन बास्केट क्रूड आयल की औसत कीमतों पर तय किया गया है। अक्टूबर 2014 में यह 86.83 डॉलर प्रति बैरल था। इस महीने में कच्चे तेल के दाम और गिरे हैं और 26 नवंबर को यह गिर कर 76 डॉलर आ गया है।
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इससे पहले देखें तो सितंबर 2014 में इंडियन बास्केट क्रूड की औसत कीमत 96.96 डॉलर प्रति बैरल थी। देश में तेल विपणन करने वाली एक सरकारी कंपनी के एक अवकाश प्राप्त अध्यक्ष के मुताबिक दाम में कमी तो लाजिमी है क्योंकि कच्चे तेल की कीमत में उल्लेखनीय कमी आई है।
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लेकिन यह साफ साफ नहीं बताया जा सकता है कि कितनी कमी होगी क्योंकि अभी वह समय है जबकि तेल विपणन कंपनियां अपना पुराना घाटा पाट रही हैं। तब भी एक-दो रुपये की कटौती की आशा की जा सकती है।

भारतीय ग्राहकों को होगा फायदा

Petrol and Diesel Prices Will Go Down Next Week

वैसे पिछले पखवाड़े ही कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर से नीचे आ गई थी। लेकिन उसी समय केन्द्र सरकार ने इस ईधन पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी कर दी थी जिससे प्रति लीटर 1.55 रुपये का बोझ बढ़ा था। इसलिए कंपनियों ने दाम में कटौती नहीं की थी। इस समय अब वैसा कोई बंधन नहीं है।

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पिछले महीने जब डीजल के खुदरा मूल्य को विनियंत्रित हो जाने की घोषणा की थी तो उसी समय उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि अब कुछ विकसित देशों की तरह भारत में भी डीजल और पेट्रोल विनियंत्रित है।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने पर घरेलू बाजार में डीजल-पेट्रोल की कीमतें घटेंगी और यदि कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो यहां भी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ेंगी। इसमें सरकार का कोई अंकुश नहीं होगा और न ही सब्सिडी देनी पड़ेगी।

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