फिर सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल, नई कीमतें लागू
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पेट्रोल डीजल की कीमतों में एक बार फिर से कटौती कर दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत कम होने के चलते बाजार में पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ है। पेट्रोल की कीमतों में 91 पैसे और डीजल की कीमतों में 84 पैसे की कमी की गई है। कम हुई कीमतें रविवार आधी रात के बाद लागू गई।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने पहले ही बताया कि डीजल और पेट्रोल के प्रति लीटर दाम में कमी हो सकती है। दाम में कमी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में कमी होना है।
इस पखवाड़े इंडियन बास्केट क्रूड की कीमत 72 डॉलर के स्तर पर पहुंच चुकी है। इस समय घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के जो खुदरा मूल्य है, वह अक्टूबर के इंडियन बास्केट क्रूड आयल की औसत कीमतों पर तय किया गया है। अक्टूबर 2014 में यह 86.83 डॉलर प्रति बैरल था। इस महीने में कच्चे तेल के दाम और गिरे हैं और 28 नवंबर को यह गिर कर 72 डॉलर पर आ गया है।
इससे पहले देखें तो सितंबर 2014 में इंडियन बास्केट क्रूड की औसत कीमत 96.96 डॉलर प्रति बैरल थी।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में घट रही है पेट्रोल की कीमत
वैसे पिछले पखवाड़े ही कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर से नीचे आ गई थी। लेकिन उसी समय केन्द्र सरकार ने इस ईंधन पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी कर दी थी जिससे प्रति लीटर 1.55 रुपये का बोझ बढ़ा था। इसलिए कंपनियों ने दाम में कटौती नहीं की थी। इस समय अब वैसा कोई बंधन नहीं है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पिछले महीने जब डीजल के खुदरा मूल्य को विनियंत्रित हो जाने की घोषणा की थी तो उसी समय उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि अब कुछ विकसित देशों की तरह भारत में भी डीजल और पेट्रोल विनियंत्रित है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटने पर घरेलू बाजार में डीजल-पेट्रोल की कीमतें घटेंगी और यदि कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो यहां भी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ेंगी। इसमें सरकार का कोई अंकुश नहीं होगा और न ही सब्सिडी देनी पड़ेगी।