फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   petition against rjil license in suprime court

आरजेआईएल को लाइसेंस पर रोक लगाने की मांग

Tue, 08 Jul 2014 09:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 08 Jul 2014 09:54 PM IST
विज्ञापन
petition against rjil license in suprime court

4जी स्पेकट्रम मामले में मंगलवार को गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन ने आवेदन दाखिल किया है। आवेदन में सुप्रीम कोर्ट से कथित तौर पर रिलायंस जिओ इंफोकाम लिमिटेड (आरजेआईएल) को पीछे के दरवाजे से लाइसेंस देने के केंद्र सरकार के निर्णय पर रोक लगाने की मांग की गई है।

विज्ञापन


आवेदन में कहा गया है कि आरजेआईएल को पीछे के दरवोज से प्रवेश देने का सरकार का निर्णय 2012 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन है। फैसले में अदालत ने बिना नीलामी के 122 कंपनियों को दिए गए लाइसेंस को रद्द कर दिया था, कयोंकि इसके चलते राजस्व का भारी नुकसान हुआ था। लेकिन सरकार फिर उसी तरह कदम उठाकर फैसले का उल्लंघन कर रही है।
विज्ञापन


इस आवेदन से पहले एनजीओ ने याचिका में सरकार के निर्णय की जांच अदालत की निगरानी में कराने की मांग की थी, जिस पर अदालत 9 मई को केंद्र, आरजेआईएल और ट्राई को नोटिस भी जारी कर चुकी है। आवेदन के मुताबिक सरकार ने वाइस टेलीफोनी की अनुमति बहुत ही मामूली रकम 1658 करोड़ रुपये में दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूरसंचार विभाग को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए 1658 करोड़ रुपये कीमत को नकारना चाहिए था और नीलामी करानी चाहिए थी। जबकि हाल ही में कैग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि रिलायंस के मामले में किए गए बेवजह के पक्षपात के चलते 22842 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।


कैग ने पाया है कि सरकार ने 4जी आवंटन के लिए तैयार किए गए योग्यता मानकों को सुरक्षित नहीं रखा। लाइसेंस लेने की प्रक्रिया में भाग लेने को आवंटन के लिए तैयार किए गए सुरक्षा मानकों (कंपनियों की नेटवर्थ) की शर्तों को सुनिश्चित नहीं किया गया। कैग ने पाया है कि नई कंपनियों को भी 4जी आवंटन में भाग लेने की अनुमति दी गई। इसके लिए नेटवर्थ की योग्यता की परीक्षा भी नहीं की गई और आवंटन में भाग लेने के लिए कोई कसौटी नहीं तय की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed