गंगा सफाई से ज्यादा नौकरी की चिंता
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भले ही मोदी सरकार गंगा की सफाई को एक प्रमुख एजेंडा बना रही है, लेकिन आम जनता के लिए दूसरे मुद्दे ज्यादा अहम है। अहम मुद्दों को लेकर सरकार से सीधे संवाद करने के लिए शुरू हुए माई जीओवी पोर्टल से शुरूआती रूझान यही संकेत दे रहे हैं।
माई जीओवी पोर्टल को बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लांच किया था। सरकार की इसके तहत कोशिश है कि लोग अहम मुद्दों में सरकार के साथ भागीदारी करें। इसी के तहत सात प्रमुख मुद्दों का समूह बनाया गया है। जिसमें मंगलवार शाम सात बजे तक स्किल डेवलपमेंट मुद्दें पर 17,200 से ज्यादा लोग सदस्य बन चुके थे। उसके बाद नई नौकरियों के समूह से लोग सबसे ज्यादा जुड़े है। इसके तहत 14,700 से ज्यादा लोग सदस्य बन चुके हैं।
बीते शनिवार को लॉन्च हुए वेब पोर्टल पर अभी तक सबसे ज्यादा लोगों ने नई नौकरियों के अवसर और कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) बढ़ाने जैसे मुद्दों पर अपनी रुचि दिखाई है। पिछले चार दिनों में ही करीब 90 हजार लोग माई जीओवी पोर्टल से जुड़ चुके हैं। इसमें से एक तिहाई लोग नौकरियों और उससे जुड़े कौशल विकास पर अपने आइडिया और अनुभव व्यक्त कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा लोग नई नौकरियों और कौशल विकास के मुद्दों से जुड़े
वहीं अगर मोदी सरकार के अहम एजेंडे गंगा सफाई अभियान की बात करें, तो पोर्टल के जरिए गंगा सफाई समूह के साथ सबसे कम 6800 के करीब लोग जुड़े हैं।
ग्रीन इंडिया और डिजीटल इंडिया के मुद्दों पर लोगों की नौकरी और उससे जुड़े पहलुओं के बाद सबसे ज्यादा रूचि है। डिजीटल इंडिया और ग्रीन इंडिया समूह के अलग-अलग 15 हजार से ज्यादा लोग सदस्य बन चुके हैं। वहीं लड़कियों की शिक्षा के समूह के साथ 8500 के करीब लोग जुड़े हैं।
माई जीओवी पोर्टल से पिछले चार दिनों में 90 हजार से ज्यादा लोगों का जुडऩा यह बताता है कि पोर्टल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिसके तहत न केवल लोग अपने अनुभव बांट रहे हैं, बल्कि नए आइडिया भी दे रहे है। मोदी सरकार इन विचारों का किस तरह से इस्तेमाल करती है, यह उसके लिए अहम चुनौती होगी।